बीएचयू में छात्रा से छेड़खानी, बवाल के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड की नई टीम का गठन कर दिया गया है। 31 सदस्यों वाली इस टीम में पहली बार 11 महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह के नेतृत्व में चार डिप्टी चीफ प्रॉक्टर और एक डिप्टी प्रॉक्टर परिसर में सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
पांच-छह सदस्य पुरानी टीम के हैं, बाकी नए चेहरे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बुधवार को आदेश जारी होते ही नई टीम ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली। चीफ प्रॉक्टर के मुताबिक ‘आपकी सुरक्षा हमारा दायित्व’ के ध्येय वाक्य पर नई टीम अपनी जिम्मेदारियां निभाएगी।
विश्वविद्यालय परिसर में बीते 21 सितंबर को छात्रा से छेड़खानी की घटना के बाद 23 सितंबर को महिला महाविद्यालय में लाठीचार्ज से माहौल बिगड़ गया था। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने पर तत्कालीन चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।
उसके बाद आईएमएस की प्रोफेसर और प्राक्टर रहीं प्रो. रोयाना सिंह को चीफ प्राक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और तभी से नई टीम के गठन की बात चल रही थी। बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने 31 सदस्यों वाले नए प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सूची जारी कर दी है।
इसमें आइएमएस में छह सदस्य है जबकि 25 सदस्य बीएचयू के विभिन्न संकायों, विभागों, संस्थानों से हैं। पिछली बार प्रॉक्टोरियल बोर्ड में सिर्फ पांच महिलाएं शामिल थीं।