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वैष्णो देवी का दर्शन कर लौट रही महिला की ट्रेन से गिरकर मौत, एक माह पूर्व ही हुई थी शादी

Tue, 21 Aug 2018 10:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
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पति के साथ मृतका पूनम - फोटो : अमर उजाला
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वैष्णो देवी का दर्शन कर लौट रही नवविवाहिता की मौत ट्रेन से गिरने के कारण हो गई। घटना रविवार की रात मिर्जापुर जिले में घटी। नवविवाहिता  और उसका पति  मुरी एक्सप्रेस पर सवार थे। झारखंड के रामगढ़ के कुज्जू गांव निवासी उत्तम प्रसाद की शादी चार जुलाई को पूनम (20) के साथ हुई थी। शादी के बाद उत्तम ने कहीं हनीमून पर जाने की योजना बनाई।
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परिवार के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो इसके साथ ही धार्मिक स्थानों पर दर्शन पूजन भी करने का कार्यक्रम बन गया। इसके बाद नवदंपती 40 लोगों के जत्थे के साथ 11 अगस्त को उज्जैन, जम्मू कश्मीर  के लिए निकला था। सबसे पहले उज्जैन में महाकाल का दर्शन पूजन किया। इसके बाद सभी वैष्णो देवी का दर्शन पूजन करने के लिए जम्मू गए।

मां का दर्शन करने के बाद साथ गए लोग अलग-अलग हो गए। करीब एक सप्ताह तक घूमने के बाद 18 अगस्त को उत्तम अपनी पत्नी पूनम और एक दोस्त के साथ जम्मू कश्मीर से घर के लिए मुरी एक्सप्रेस के एसी बी में सवार होकर रवाना हुआ। उत्तम के अनुसार रविवार की रात करीब साढ़े आठ बजे पूनम खाना खाने के बाद बचा हुआ खाना फेंकने के लिए गेट पर पहुंची कि उसका पैर फिसल गया और ट्रेन से नीचे गिर गई।
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यह देख बोगी कर्मचारी ने तत्काल चेनपुलिंग कर घटना की सूचना दी लेकिन तबतक गाड़ी करीब दो किलोमीटर आगे आ चुकी थी। उत्तम ट्रेन से उतरकर पूनम की खोजबीन में इधर-उधर अंधेरे में भागता रहा लेकिन वह नहीं मिली। कुछ देर बाद एक मालगाड़ी आ गई जिसके चालक ने बताया कि एक लड़की घायलावस्था में करीब एक किलोमीटर पीछे पड़ी है।

जानकारी होते ही वह वहां पहुंचा और घायल पत्नी को कंधे पर लादकर मालगाड़ी के पास आया। वह उसे लेकर मालगाड़ी से मिर्जापुर रेलवे स्टेशन आया। यहां रेलवे के चिकित्सक ने महिला को देखते ही मृत घोषित कर दिया। 
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समय रहते मिलता इलाज तो बच सकती थी जान

जिगना थाना क्षेत्र के यादवपुर गांव के पास रविवार की रात ट्रेन से गिरकर घायल हुई महिला पूनम का पति उसके इलाज के लिए दो घंटे तक भटकता रहा लेकिन उसका समय से इलाज नहीं हो पाया जिससे उसकी मौत हो गई। उत्तम ने पूनम के इलाज के लिए 108 नंबर एंबुलेंस पर फोन किया तो उसे घायल को लेकर मिर्जापुर आने की सलाह दी गई।

आरोप लगाया कि यही सलाह यूपी 100 पुलिस ने भी दी। कई बार फोन करने के बाद न एंबुलेंस आई और न ही सौ नंबर पुलिस। उत्तम जब पूनम को मालगाड़ी पर लादकर विंध्याचल आया और वहां से मुरी एक्सप्रेस से मिर्जापुर लाया गया तबतक वह दम तोड़ चुकी थी। कहा कि अगर समय से उसका इलाज हो जाता है तो शायद पूनम की जान बच जाती। क्योंकि डॉक्टरों का कहना था कि अधिक खून बहने से पूनम की मौत हुई। 
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