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UP: नई दिशा...घंटों रील देखने में समय बर्बाद न करें, किताबें पढ़ें, दिनचर्या सुधारें; विद्यार्थियों को टिप्स

Fri, 24 Apr 2026 01:32 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: भविष्य की सफलता सिर्फ परीक्षा के अंकों पर निर्भर नहीं करती की थीम पर बताया गया कि अंक आपके जीवन वृत्त में 5 प्रतिशत भी हिस्सेदारी नहीं रखते हैं। घंटो रील देखने में समय बर्बाद करने से अच्छा है किताबें पढ़ें और दिनचर्या को नियमित करें। 
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बच्चों को टिप्स देते प्रधानाचार्य। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लहुराबीर स्थित पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में आयोजित अमर उजाला के “नई दिशा: भविष्य की ओर पहला कदम” कार्यक्रम ने छात्रों को प्रेरणा, उत्साह और नई ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन के व्यापक दृष्टिकोण से परिचित कराना था।

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कार्यक्रम की थीम “भविष्य की सफलता सिर्फ परीक्षा के अंकों पर निर्भर नहीं करती” पर आधारित रही। वक्ताओं ने छात्रों को बताया कि जीवन में अंकों की भूमिका सीमित होती है और यह कुल सफलता का केवल छोटा हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समय का सही उपयोग बेहद जरूरी है और घंटों सोशल मीडिया पर रील देखने की बजाय किताबों का अध्ययन और नियमित दिनचर्या अपनाना अधिक लाभदायक है।

मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमीत श्रीवास्तव ने कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 570 विद्यार्थियों को करीब दो घंटे तक संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए और उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।

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प्रधानाचार्य ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं की एकाग्रता को प्रभावित कर रहा है। हर 20-30 सेकंड में बदलने वाले वीडियो दिमाग पर असर डालते हैं, जिसका नकारात्मक प्रभाव आने वाले वर्षों में स्पष्ट दिखाई देगा। उन्होंने छात्रों को सचेत करते हुए कहा कि यह आदत भविष्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश छात्र इंजीनियर, डॉक्टर या आईएएस बनने का सपना देखते हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम ही अपने लक्ष्य तक पहुंच पाते हैं। इसका मुख्य कारण आत्मविश्वास की कमी और तैयारी में निरंतरता का अभाव है।

कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने इसे बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। विद्यालय प्रशासन ने भी ऐसे कार्यक्रमों को भविष्य में जारी रखने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को सही दिशा मिल सके और वे अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होकर आगे बढ़ सकें।
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