कर्मचारियों के बीच होता रहता है विवाद : अस्पताल परिसर में मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि टीबी कार्यक्रम के लिए नियुक्त विशेष कर्मचारी और अस्पताल के अन्य स्टाफ के बीच अक्सर विवाद होता रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टीबी यूनिट के कर्मचारी नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते। इस वजह से दवाओं के वितरण और रिकॉर्ड में भारी अनियमितता बरती जा रही है। संभवतः इसी रिकॉर्ड को मैनेज करने या वितरण न करने की स्थिति में पकड़े जाने के डर से दवाओं को बाहर फेंक दिया गया।
अधिकारियों ने दिया रटा-रटाया जवाब : इस मामले में जब सेवापुरी पीएचसी के प्रभारी डॉ. अमित कुमार सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस विषय में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, टीबी सुपरवाइजर ने भी मामले से पल्ला झाड़ लिया।
दवाओं को कूड़े में फेंके जाने का मामला गंभीर है। इस संबंध में पीएचसी प्रभारी से पूछताछ करते हुए पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजेश प्रसाद, प्रभारी सीएमओ।