साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अपराध की भयावहता स्पष्ट होती है। मृतक की श्वास नली, भोजन नली, दोनों ओर की मुख्य रक्त नलियां तथा रीढ़ की पहली हड्डी तक कट गई थी।
शरीर का पिछला हिस्सा केवल चार सेंटीमीटर चमड़ी से जुड़ा हुआ था। न्यायालय ने टिप्पणी की कि जिस समय बच्चे का गला काटा जा रहा था, उसने बचने के लिए हाथों से प्रतिरोध करने का प्रयास किया होगा, जिसकी पुष्टि उसकी उंगलियों पर मिले घावों से होती है।
फैसले में यह भी कहा गया कि आरोपी मृतक का सगा मामा था, लेकिन उसने रिश्तों की मर्यादा का भी ख्याल नहीं रखा। मात्र चार वर्ष के अबोध बालक की उसकी मां के सामने की गई निर्मम हत्या समाज को झकझोरने वाली है। अदालत ने माना कि ऐसा अपराधी सामाजिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए उसे मृत्युदंड दिया जाना न्यायोचित है।