भैंस की मौत से शुरू हुआ शक, खेत की घटना का भी दावा
मामले में जमीन विवाद के अलावा भूत-प्रेत और जादू-टोने से जुड़ी आशंकाओं की बात भी सामने आई है। प्यारे की मां के अनुसार, उनके परिवार को शक था कि संग्राम के परिवार की ओर से जादू-टोना कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि करीब एक महीने पहले उनकी भैंस की मौत हो गई थी। परिवार में दूसरी परेशानियां भी आ रही थीं, जिन्हें वे कथित तौर पर जादू-टोने से जोड़कर देखने लगे थे।
परिवार की ओर से यह दावा भी किया गया कि करीब दस दिन पहले जितेंद्र को खेत में किसी कथित अदृश्य शक्ति ने उठाकर पटक दिया था। इन घटनाओं के बाद परिवार का शक और गहरा होने की बात कही जा रही है। हालांकि, भैंस की मौत और खेत में हुई कथित घटना का जादू-टोने से कोई संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। ये बातें संबंधित परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और दावे हैं, प्रमाणित तथ्य नहीं।
माया बोलीं- आरोप लगाने के बजाय बात करते
संग्राम की पत्नी माया ने बताया कि दूसरे पक्ष की ओर से उनके परिवार पर बार-बार भूत-प्रेत कराने का आरोप लगाया जा रहा था। उन्होंने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि यदि सामने वाले परिवार को कोई शिकायत थी तो उनसे बातचीत की जा सकती थी। इस तरह विवाद बढ़ाने की क्या जरूरत थी।
माया के अनुसार, शुक्रवार को हुए विवाद के दौरान उन पर और उनके पति पर हमला किया गया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। संग्राम को सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर वाराणसी ट्रामा सेंटर ले जाया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
दोनों परिवारों के बीच भूत-प्रेत को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चलने की बात सामने आ रही है, लेकिन घटना के समय किस बात पर कहासुनी शुरू हुई और विवाद ने हिंसक रूप कैसे लिया, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जमीन विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में
ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पैतृक जमीन को लेकर पहले से विवाद था। जमीन के बंटवारे और बिक्री को लेकर मतभेद की बात कही जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने का दावा किया जा रहा है।
हालांकि, जमीन की वास्तविक हिस्सेदारी, बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और रुपये के लेनदेन के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी पता नहीं चल सका है कि जमीन विवाद को लेकर पहले कोई मुकदमा या औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी या नहीं। इन बिंदुओं की पुष्टि संबंधित अभिलेखों और पुलिस जांच से ही हो सकेगी।
तीन बेटे बाहर करते हैं काम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संग्राम के तीन बेटे संजय (34), बृजेश (28) और रामाशीष (24) काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद संजय अगले दिन घर पहुंचा। परिवार में संग्राम की मौत और माया के घायल होने से दुख का माहौल है। माया के उपचार को लेकर परिजन चिंतित हैं।
एक ओर परिवार के मुखिया की मौत से घर में मातम पसरा है, दूसरी ओर घायल माया के उपचार और परिवार की आगे की जिम्मेदारियों को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव में इस घटना की चर्चा है। जमीन विवाद और कथित भूत-प्रेत के आरोपों के बीच हुई मारपीट ने एक परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस का प्राथमिक पक्ष जमीन विवाद को घटना की वजह बताता है। वहीं, परिजनों के बयानों में जादू-टोने से जुड़ी आशंकाओं का उल्लेख है। इन दावों को घटना का प्रमाणित कारण मानने के बजाय जांच के अलग-अलग पहलुओं के रूप में देखना जरूरी है। घटना के क्रम, मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका और विवाद की वास्तविक वजह का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगा।
संग्राम की फाइल फोटो और गमगीन महिलाएं।
- फोटो : संवाद
दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद था और इसी विवाद में मारपीट हुई। संग्राम की इलाज के दौरान मौत हुई है। ऐसे में घटना के पीछे की परिस्थितियों, दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद और आरोपितों की भूमिका का निर्धारण जांच तथा साक्ष्यों के आधार पर होना है। - अरूण सिंह, सीओ, पीडीडीयू नगर