विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा देकर भारत लाई गई नेपाली महिलाओं को बनारस में कैद कर रखे जाने की सूचना पर सोमवार को नेपाल के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम शहर पहुंची।
जिला पुलिस की टीम के साथ नेपाल की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शिवपुर थाना के चांदमारी और नटिनियादाई क्षेत्र में देर रात तक छापामारी की लेकिन नेपाली महिलाएं और उन्हें लाने वाले एजेंट का पता नहीं लगा।
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इस बीच नेपाल से आई एक महिला की तहरीर पर शिवपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ रोजगार की बात कह कर छल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही, पूछताछ के लिए चांदमारी और नटिनियादाई के संदिग्ध छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
‘अमर उजाला’ ने 18 जुलाई को समाचार प्रकाशित किया था कि वाराणसी में किसी अज्ञात स्थान पर नेपाली महिलाएं कैद कर रखी गई हैं। ये महिलाएं नेपाल के बर्दिया (मधुवन) की रहने वाली बताई गई थी। इनमें से दो महिलाएं किसी तरह से बंधक बनाने वालों के चंगुल से छूट कर वापस अपने घर पहुंची और नेपाल के गुलरिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
दोनों ने बताया कि उन्हें छह जुलाई को संदीप नाम का एजेंट खाड़ी देशों में नौकरी का झांसा देकर बनारस ले आया था। इसके बाद उन्हें भी अन्य महिलाओं के साथ कैद कर लिया गया और सभी को पांच अलग-अलग मकानों में रखा गया था। सभी महिलाओं की निरंतर निगरानी एजेंट के आदमी करते हैं।
दोनों महिलाओं से मिली जानकारी के आधार पर नेपाल के अधिकारियों ने नई दिल्ली स्थित अपने दूतावास में संपर्क किया और इसके बाद वहां के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की टीम शहर आई।
इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि नेपाल से आई टीम की सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन नेपाली महिलाएं और उन्हें यहां लाने वाले आरोपी नहीं मिल सके। फिलहाल हमारी तफ्तीश जारी है और मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास जारी है।