बकाया भुगतान न करने पर पहले तो भिखारीपुर स्थित एपेक्स अस्पताल के डाक्टरों ने सड़क हादसे में घायल लोहता निवासी विकास (14) को शनिवार को आईसीयू से बाहर कर जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया। आरोप है कि अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों के निगरानी में उसे वहां बंधक बनाकर रखा गया था। बेटे की हालत बिगड़ती देख घरवाले फरियाद लेकर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण के पास पहुंचे। कमिश्नर के निर्देश पर रविवार की देर शाम सिटी मजिस्ट्रेट और एसओ लंका अस्पताल पहुंचे और विकास को मुक्त कराया। उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। अस्पताल के मालिक डॉ. संतोष सिंह के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में एपेक्स हास्पिटल से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया मगर फोन नहीं उठा।
लोहता के सरहरी, मनोरथपुर निवासी बेचूराम का बेटा विकास दो सितंबर को जंसा सड़क हादसे में घायल हो गया था। घरवालों ने उसे एपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज से संतुष्ट न होने पर घरवालों ने करीब सप्ताह पूर्व अस्पताल प्रबंधन से विकास को डिस्चार्ज न करने कहा। प्रबंधन का कहना था कि 1.98 लाख रुपये बकाया भुगतान किए बिना वह डिस्चार्ज नहीं करेंगे। आरोप है कि भुगतान का दबाव बनाने के लिए शनिवार को विकास को आईसीयू से निकाल कर जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। उसे अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में रखा गया था।
रविवार को घरवाले फरियाद लेकर कमिश्नर से मिले। बेचू का कहना था कि गहने गिरवी रखकर वह इलाज करा रहा है। कमिश्नर के जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट और लंका पुलिस को मौके पर भेजा। विकास गंभीर हालत में जनरल वार्ड में पड़ा मिला। पुलिस ने उसे अस्पताल से निकाल बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। एसओ लंका संजीव कुमार मिश्रा का कहना है कि बकाया भुगतान न करने पर मरीज को जबरन अस्पताल में रखा गया। पुलिस अस्पताल के मालिक डॉ. संतोष सिंह के खिलाफ मुुकदमा दर्ज मामले की जांच कर रही है।