वाराणसी। मुकद्दस हज यात्रा के लिए वाराणसी समेत पूर्वांचल के 16 जिलों के करीब चार हजार जाइरीन सऊदी अरब जाएंगे। इस बार इन जाइरीन को अपना सामान सेंट्रल हज कमेटी द्वारा दिए जा रहे ब्रीफकेस में ही लेकर जाना होगा। हालांकि अब तक ब्रांडेड ब्रीफकेस निर्माता कंपनी ने अधिकांश हज यात्रियों तक अटैचियां नहीं पहुंचाई हैं। जिसे लेकर लोग पसोपेश में हैं। नई व्यवस्था के तहत अब इन 16 जिलों के जाइरीन को अटैची लेने के लिए वाराणसी का चक्कर लगाना पड़ेगा। हज पर जाने के ख्वाहिशमंदों को मकबूल आलम रोड स्थित पूर्वांचल हज सेवा समिति के कार्यालय से चार से छह अगस्त तक अटैचियां बांटी जाएंगी।
अटैची वितरण में की जा रही लापरवाही जाइरीन पर भारी पड़ गई है। ब्रीफकेस निर्माता कंपनी को पूर्वांचल से काबा की उड़ान भरने वाले करीब चार हजार जाइरीन को अटैची मुहैया कराना है। इसके लिए जाइरीन ने सेंट्रल हज कमेटी को रकम भी अदा कर दी है। लेकिन अब तक अधिकांश लोगों को अटैची नहीं दी गई। सेंट्रल हज कमेटी की ओर से जाइरीन को एसएमएस किया गया और कंपनी ने रमजान में 20, 21 और 22 जून को पूर्वांचल हज सेवा समिति में अटैचियों का वितरण किया था। लेकिन इस बारे में अधिकांश
जाइरीन अनभिज्ञ रहे। जब लोगों ने समिति के जरिए कंपनी से संपर्क किया तो बताया गया कि अब उन्हें अटैची लखनऊ से मिलेगी। बाद में हो-हल्ला हुआ तो सेंट्रल हज कमेटी ने अटैचियों को वाराणसी स्थित कार्यालय से बांटने का फरमान जारी कर दिया। अब इसके लिए पूर्वांचल के सभी 16 जिलों के जाइरीन को अटैची लेने के लिए वाराणसी आना पड़ेगा। इससे उनका आर्थिक नुकसान तो होगा ही, समय भी बर्बाद होगा। अटैची वितरण से जुड़े कंपनी के सुनील बताते हैं कि हज कमेटी को अपने स्तर से व्यवस्थाएं दुरु स्त करनी चाहिए। हमारा काम बताए गए स्थान पर वितरण कराना भर है।