वाराणसी। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 28 अप्रैल से बाजार में बंदी चल रही है। जिसे बढ़ाकर 6 मई की सुबह तक करने की घोषणा जिला प्रशासन ने की है। सब्जी, दूध, फल और किराना की दुकानों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। बावजूद शहर के अधिकतर हिस्सों में दुकानें खुल रही हैं। शटर गिराकर दुकानदारी हो रही है। जहां कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय भी नहीं है। चौक, गोदौलिया, लंका, मैदागिन, नई सड़क, हड़हा सराय, दालमंडी और चेतगंज, मंडुवाडीह, वरुणा पार के क्षेत्रों में भी दुकानें खुली रहीं। गलियों और कॉलोनियों की दुकानों में जमकर बिक्री हो रही है। चाय, पान, मसाला से लेकर हर तरह की दुकानें पर दुकानदारी हो रही है।
छिटपुट खुली रहीं दुकानें
चेतगंज क्षेत्र में पान दरीबा समेत गलियों में छिटपुट दुकानें खुली रहीं। दोपहर बाद दुकानों के शटर तो बंद हो गए लेकिन अगलबगल के दरवाजों से खरीदारी देर शाम तक चलती रही। वहीं, मुख्य सड़क पर ठेले, खोमचे और जूस के ठेले सुबह से शाम तक लगे रहे। गलियों की दुकानों के शटर भी आधे खुले रहे।
सड़कों पर बंदी, गलियों में चहलकदमी
मंडुवाडीह चौराहा, बौलिया, लहरतारा पर मुख्य सड़कों की दुकानें तो बंद रहीं, लेकिन कॉलोनी की गलियों में दुकानें खुली रहीं। चौराहों पर फल और सब्जी वाले ठेले पर सामान बेचते नजर आए। सड़कों पर आवाजाही से नहीं लग रहा था कि कर्फ्यू जैसा माहौल है। मंडुवाडीह सब्जी मंडी में तीन बजे के बाद से ही दुकानें वैसी ही लगी रही जैसे सामान्य दिनों में रहती हैं। खरीदारी करने वालों की भीड़ भी लगी रही।
जनरल स्टोर पर हुई खरीदारी
सिगरा, नई सड़क, सिद्ध गिरीबाग, औरंगाबाद, लक्सा आदि इलाकों में सुबह कुछ दुकानें खुली हुई थी। चाय पानी के अलावा कुछ मोबाइल व जनरल स्टोर भी खुले रहे। वहीं, दवा की दुकानें भी खुली रहीं। ज्यादातर लोग सब्जी, अनाज, फल की दुकानों पर खरीदारी करते दिखे।
नहीं हुआ सामाजिक दूरी का पालन
लंका बाजार में तो सिर्फ दवा दुकानों पर भीड़ रही, लेकिन गलियों व कॉलोनियों में दुकानें खुली रहीं। चायपान, सिगरेट पान मसाला और रेस्टोरेंट तक खुले रहे। यही हाल सामनेघाट, भगवानपुर, सुंदरपुर, नरिया इलाके में भी रहा। किसी दुकान पर सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है।