2021 में पेपर लीक मामले में सारनाथ पुलिस ने सरगना समेत 42 आरोपियों को किया था गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। नीट पेपर लीक मामले में पूर्वांचल कनेक्शन की भी तलाश तेज हो चुकी है। यूपी एसटीएफ ने पूर्वांचल समेत पटना तक के गिरोह को रडार पर लिया है। पांच साल पूर्व 2021 में सारनाथ पुलिस ने नीट पेपर लीक के सॉल्वर गिरोह के सरगना निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके समेत 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश के नेतृत्व में बीएचयू की मेडिकल छात्रा जूली समेत कई अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हुई थी। सॉल्वर गिरोह के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ था।
एसटीएफ अब इन आरोपियों की गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी है। 12 सितंबर 2021 को सारनाथ थाना क्षेत्र के सरायमोहाना स्थित केंद्र पर त्रिपुरा निवासी हीना विश्वास की जगह जुली कुमारी को परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया था। बीएचयू की मेडिकल छात्रा जुली कुमारी और केंद्र के बाहर बैठी उसकी मां बबिता देवी को भी गिरफ्तार किया गया था। एक लाख के इनामी मूलतः छपरा और पटना के पाटलीपुत्र निवासी निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके की गिरफ्तारी के बाद एक-एक कर पांच राज्यों के 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
निलेश कुमार का सबसे भरोसेमंद ओसामा शाहिद, कन्हैयालाल सिंह, क्रांति कौशल, ओमप्रकाश सिंह, राजू कुमार, डॉ. अफरोज, मुंतजिर, डॉ. प्रिया, डॉ. गणेश, मृत्युंजय, दिव्य ज्योति नाग उर्फ देबू, आशुतोष राजा, प्रवीण, प्रमोद, हामिद रजा, पीयूष, चंदन, संजीव और प्रदीप भट्टाचार्य प्रमुख आरोपियों में शामिल थे। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई थी। हालांकि, लचर पैरवी के चलते सभी आरोपी जेल से छूट चुके हैं और जमानत पर हैं। एसटीएफ की टीम इन आरोपियों के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है। खासकर गिरोह के सरगना निलेश कुमार सिंह उर्फ पीके, ओसामा और डॉ. प्रिया समेत अन्य की गतिविधियों की जांच की जा रही है।