नवरात्र में व्रत रखने वालों को सेहत के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम के बदलने पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टर के अनुसार गर्भवती महिलाओं के साथ ही मधुमेह, हृदय रोगियों को सेहत की विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर बहुत जरूरी न हो तो ऐसे लोगों को व्रत रखने से परहेज करना चाहिए।
तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी बढ़ती जा रही है। ऐसे समय में लंबे समय तक व्रत रखना सेहत को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार अगर कोई बीमारी से पीड़ित है और उसकी दवा चल रही है तो दवा नहीं बंद करनी चाहिए। फलाहार के साथ सभी जरूरी दवाएं भी लेते रहना चाहिए।
उपवास सेहत के लिए हितकारी
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में बीमारी को दूर करने के लिए उपवास को सर्वश्रेष्ठ औषधि माना जाता है। आचार्य चरक ने उपवास के माध्यम से बहुत से रोगों का इलाज बताया है। मधुमेह, अतिसार, हृदयरोग, ज्वर, अग्निमांद्य यानी मोटापा से पीड़ित व्यक्ति को उपवास करने से बीमारी से निवारण में बहुत हद तक लाभ मिलता है।
गर्भवती महिला हर दो-दो घंटे पर करे फलाहार
गर्भवती महिलाओं को व्रत से बचना चाहिए। अगर बहुत जरूरी है तो हर दो-दो घंटे पर फलाहार लेते रहें। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहेंगे। डॉक्टर की सलाह पर जो दवाएं चल रहीं हैं, उसको भी समय से लेते रहना चाहिए। व्रत में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है। - डॉ. फाल्गुनी गुप्ता, अधीक्षक, शहरी सीएचसी चौकाघाट
दूध और छाछ, फलों के जूस का करें नियमित सेवन
कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी के अलावा रोटी खा सकते हैं। दूध और छाछ, फलों का जूस नियमित मात्रा में लेने से शरीर में हाइड्रेशन बना रहता है। इन सबके बीच बीमार व्यक्ति को सामान्य मरीज की तुलना में सेहत पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। - डॉ. अजय कुमार, काय चिकित्सा विभाग, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट
व्रत रखें, लेकिन दवा न छोड़े मरीज
गर्मी का मौसम चल रहा है। ऐसे में बेचैनी के साथ ही पेट संबंधी बीमारी की समस्या बढ़ जाती है। शरीर में पानी की मात्रा की कमी नहीं होनी चाहिए, साथ ही खानपान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। व्रत रखने वाले व्यक्ति की अगर पहले से कोई दवा चल रही है तो उन्हें अपनी दवा नहीं छोड़नी चाहिए। - डॉ. पीके सिंह, फिजिशियन, जिला अस्पताल