वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी के पूजा पंडाल में मां की पूजा बांग्ला पद्धति से होती है। इसकी जिम्मेदारी 40 से अधिक महिलाएं संभालती हैं। पूजन सामग्री तैयार करने से लेकर पूजन करने में उनकी अहम भूमिका होती है। पूजा समिति के उपाध्यक्ष तरुण कुमार मुखर्जी ने बताया कि नवरात्र के षष्ठी से नवमी तक भोर से लेकर रात तक शिफ्टवार पंडाल में मौजूद रहती हैं। काकुली मुखर्जी, नंदिता दत्ता व नीतू अधिकारी ने बताया कि श्यामा प्रसाद भट्टाचार्य के नेतृत्व में फल, फूल व भोग प्रसाद तैयार किया जाता हैं। एकल दीक्षा लेने वाली महिलाएं ही मां का भोग बनाती हैं। महिलाएं पैसे भोग में पैसे भी दान करती हैं।