मां के धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब
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शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही शिव काशी का कण-कण शक्ति की आराधना में लीन हो गया काशी में नवरात्र के दौरान नौ दुर्गा और नौ गौरी की अलग अलग मान्यता है। मगर दर्शन और पूजन का मान दोनों ही प्रकार की देवियों का है। यहां शारदीय नवरात्र में नौ दुर्गा और चैत्र नवरात्र में नौ गौरी की पूजन की मान्यता है।
दुर्गाकुंड स्थित कूष्मांडा मंदिर में भव्य सजावट
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बाबा विश्वनाथ नगरी के नाम से मशहूर काशी की पावन भूमि पर कई देवी मंदिरों का भी बड़ा माहात्म्य है। इन्हीं प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है दुर्गा कुंड मंदिर। माता का यह सिद्ध मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर आदिकालीन है। वैसे तो हर समय दर्शनार्थियों का आना लगा रहता है लेकिन शारदीय नवरात्र के चौथे दिन यहां मां कूष्मांडा के दर्शन और पूजा के लिए भारी भीड़ उमड़ती है।