वरुणा पार पूजा कमेटी के अरविंद ने बताया कि कई बार चंदे की रसीद देने के बाद घरवाले खुदरा नहीं होने या रुपये नहीं होने के कारण बाद में आने को कहते हैं। लेकिन, यूपीआई और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा होने के कारण लोगों की आधी परेशानी समाप्त हो गई है। इसे अलावा चंदा देने वाले का डिजिटल डाटा भी तैयार हो जाता है। जिसे मिलान करने में काफी सहूलियत होती है।
डिजिटल लेनदेन के लिए मोबाइल यूपीआई और क्यूआर कोड पूजा पंडाल में लगाया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी हो गई। नवरात्र की षष्ठी पर माता के विराजमान होने के साथ ही क्यूआर कोड भी लग जाएगा। - संजय श्रीवास्तव, संरक्षक, न्यू लाइट क्लब अर्दली बाजार
इस बार चंदा व रसीद के लिए 90 फीसदी से अधिक डिजिटल लेनदेन किया जा रहा है। इससे सहूलियत होने के साथ ही समय की भी बचत हो रही है। श्रद्धालुओं को भी दान करने में कोई दिक्कत नहीं होती है। - नीलाद्री भट्टाचार्य, संयुक्त सचिव, ईगल क्लब
दुर्गा पूजा के चंदे का डिजिटल और खाते में लेनदेन किया जा रहा है। डिजिटल होने से चंदा लेने में आसानी हो रही है और देने वालों को भी काफी सहूलियत हो गई है। - सूरज जायसवाल, कार्यवाहक अध्यक्ष, सनातन धर्म दुर्गोत्सव समिति