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Navratri 2022: सनातन इंटर कॉलेज में सजेगा बाबा विश्वनाथ का धाम, मां काली करेंगी शुंभ और निशुंभ का वध

Wed, 14 Sep 2022 07:00 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

नवरात्र को लेकर वाराणसी में तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल कुछ नया करने के लिए मशहूर सनातन धर्म इंटर कॉलेज के पूजा पंडाल में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में बाबा विश्वनाथ दर्शन देंगे। 
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26 जनवरी के परेड में काशी विश्वनाथ धाम की झांकी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शक्ति की आराधना के महापर्व पर बाबा विश्वनाथ की नगरी में श्री काशी विश्वनाथ का नव्य, भव्य और दिव्य धाम का नजारा देखने को मिलेगा। हर साल कुछ नया करने के लिए मशहूर सनातन धर्म इंटर कॉलेज के पूजा पंडाल में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में बाबा विश्वनाथ दर्शन देंगे। कार्यक्रम समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष सूरज जायसवाल ने बताया कि इस बार का दुर्गा पूजा पंडाल श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के स्वरूप में सजाया जाएगा।

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पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा के धाम का अहसास होगा। पंडाल के अंदर माता की झांकी स्वर चलित यंत्रों के जरिए सजाई जाएगी। शुंभ निशुंभ ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त करके तीनों लोकों में हाहाकार मचा देंगे। तपस्या रत मां असुरों के अत्याचार को खत्म करने के लिए मां दुर्गा खड़ी होंगी और उनके शरीर के अंदर से दो काली मां प्रकट होंगी जो दोनों असुरों का वध करेंगी।

इसके बाद मां शक्ति अपने काली स्वरूप में शुंभ-निशुंभ का वध करेंगी। महासचिव मुकेश जायसवाल ज्ञानू ने बताया कि बंगाल के कारीगरों द्वारा मां दुर्गा के तपस्वी स्वरूप को आकार दिया जा रहा है। दो अक्तूबर को दर्शनार्थियों के लिए पंडाल खोला जाएगा। छह अक्तूबर को प्रतिमाओं का विसर्जन लक्ष्मी कुंड में किया जाएगा। 

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सजने लगे बाजार, नवरात्र का इंतजार

नवरात्र को लेकर वाराणसी के बाजारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। पूजन सामग्री के साथ ही माता की मूर्तियां दुकानों में सजने लगी हैं। 26 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र का लोगों को बेसब्री से इंतजार है।  
नवरात्र शुरू होने से पहले ही बाजारों में धूम रहती है। घरों और पंडालों में सजने वाली माता की प्रतिमा को सजाने के लिए सामान बाजार में सजने हैं।

लंका, दशाश्वमेध, दुर्गाकुंड, गोदौलिया के साथ ही छोटे बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं। माता की चुनरी और शृंगार के सामान के साथ ही सूखे मेले, कच्चे नारियल, हवन सामग्री के सामान सजने लगे हैं। आरती की थाल, पंचमुखी, दीपक, चांदी व सोने के आकार में माता की मूर्तियां भी बाजार में उपलब्ध हैं। 
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बिक रहे प्राकृतिक खुशबू वाले इत्र 

पूजन में फूलों से बने प्राकृतिक इत्र की जरूरत होती है। बाजारों में चमेली, चंदन, गुलाब की खुशबू वाले  इत्र, अगरबत्ती, धूपबत्ती आदि बिक रहे हैं। हवन के लिए पैकेट बंद सामग्री भी बिक रही है।  माता रानी को सजाने के लिए सामान्य से डिजाइनर चुनरी है। बाजार में 10 से लेकर हजारों तक की चुनरी बिक रही है। लाल, नारंगी, आदि रंगों में गोटे वाली चुनरी, साड़ी और लहंगे उपलब्ध हैं। मोती और कुंदन की चूड़ियां, कंगन, हार, चांदी के बिछुए, मांग टीका, नथ और मुकुट भी बिक रहे हैं।
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