नवरात्र को लेकर वाराणसी के बाजारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। पूजन सामग्री के साथ ही माता की मूर्तियां दुकानों में सजने लगी हैं। 26 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र का लोगों को बेसब्री से इंतजार है।
नवरात्र शुरू होने से पहले ही बाजारों में धूम रहती है। घरों और पंडालों में सजने वाली माता की प्रतिमा को सजाने के लिए सामान बाजार में सजने हैं।
लंका, दशाश्वमेध, दुर्गाकुंड, गोदौलिया के साथ ही छोटे बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं। माता की चुनरी और शृंगार के सामान के साथ ही सूखे मेले, कच्चे नारियल, हवन सामग्री के सामान सजने लगे हैं। आरती की थाल, पंचमुखी, दीपक, चांदी व सोने के आकार में माता की मूर्तियां भी बाजार में उपलब्ध हैं।
पूजन में फूलों से बने प्राकृतिक इत्र की जरूरत होती है। बाजारों में चमेली, चंदन, गुलाब की खुशबू वाले इत्र, अगरबत्ती, धूपबत्ती आदि बिक रहे हैं। हवन के लिए पैकेट बंद सामग्री भी बिक रही है। माता रानी को सजाने के लिए सामान्य से डिजाइनर चुनरी है। बाजार में 10 से लेकर हजारों तक की चुनरी बिक रही है। लाल, नारंगी, आदि रंगों में गोटे वाली चुनरी, साड़ी और लहंगे उपलब्ध हैं। मोती और कुंदन की चूड़ियां, कंगन, हार, चांदी के बिछुए, मांग टीका, नथ और मुकुट भी बिक रहे हैं।