मां विंध्यवासिनी के महागौरी स्वरूप का दर्शन-पूजन
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शारदीय नवरात्र मेला अपने आखिरी चरण में है। अगले 36 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं। इसको देखते हुए लोगों की जहां विंध्याचल में भीड़ बढ़ी है। वहीं, कई महत्वपूर्ण लोग दर्शन करने के लिए विंध्याचल पहुंचेंगे। इसके अलावा महानिशा की पूजा भी होगी। इसको देखते हुए मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र और एसपी ने कहा कि आगामी 36 घंटे नए ढंग से सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत करें।
रीवां, हनुमना मार्ग पर यातायात प्रभारी विशेष नजर रखें। मंडलायुक्त ने कहा मेला क्षेत्र में सड़कों के किनारे जगह-जगह दर्शनार्थी भोजन आदि बना रहे हैं, यह बेहद जोखिम भरा है। अष्टभुजा मंदिर से कम से कम एक किलोमीटर दूर ही लोगों को रोकें। मां विंध्यवासिनी की झांकी के सामने उन्होंने कम से कम तीर्थपुरोहितों को खड़े होने का निर्देश दिया।
एसपी ने महानिशा रात्रि से नवमी तक भीड़ अधिक होने की संभावना जताई है। पुलिस कर्मियों संग सभी से कहा कि महानिशा पूजन के लिए यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई छोटा बच्चा हो और उसने काला रंग का कपड़ा या धागा इत्यादि पहना हुआ है तो उसकी पूरी जांच करें। तंत्र पूजन में बलि की भी प्रक्रिया होती है। उन्होंने अष्टमी व नवमी को देखते हुए किसी प्रकार के वाहनों को पार्किंग स्थल पर रोकने के निर्देश दिया।
बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने बुधवार सुबह मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। मंदिर परसिर में उनका स्वागत नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जयसवाल व अन्य ने स्वागत किया।