जिसके माध्यम से किसान शहर और ग्रामीण इलाकों में अपनी पसंद के स्थान पर अपने जैविक उत्पादों की बेच सकेंगे। गिरिजादेवी संकुल चौकाघाट में शामिल होने आऐ पिंडरा, चिरईगांव के किसान संतोष, श्यामलाल पटेल, भोला पटेल, मुन्ना, रामलाल, संतोष ने बताया कि प्रधानमंत्री संबोधन से हम काफी उत्साहित हैं। छोटे किसान फल, सब्जी, अनाज का उत्पादन तो करते हैं, लेकिन उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता। ये प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सबसे बड़ी चुनौती है।
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उपनिदेशक कृषि अखिलेश सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान को साकार करने के लिए विभाग की ओर से किसानों को कैनोपी उपलब्ध कराई जाई जाएगी। जिसका इस्तेमाल कर किसान अपने उत्पाद कही भी बेच सकेंगे। इसके लिए प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों चांदपुर स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क करना होगा।