रेलवे की रफ़्तार के आगे थमा राजस्थान
दूसरे सेमीफाइनल में रेलवे की टीम ने राजस्थान के खिलाफ अपनी बादशाहत कायम रखी। बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहे इस मुकाबले में रेलवे ने राजस्थान को 3-1 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया। रेलवे ने मैच की आक्रामक शुरुआत करते हुए पहले दो सेट बड़े अंतर से जीते। तीसरे सेट में राजस्थान ने जबरदस्त वापसी की और सेट जीतकर मैच को रोमांचक बना दिया। लेकिन चौथे सेट में रेलवे ने फिर से लय हासिल की और जीत दर्ज कर मैच अपने नाम कर लिया।
रेलवे का फाइनल की ओर सधा कदम
रेलवे की टीम ने अपनी सधी हुई रणनीति और अनुभव से राजस्थान को परास्त किया। प्रमुख खिलाड़ी रुक्साना खातून ने शुरुआती सेट में राजस्थान के डिफेंस को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उनकी सर्विस और सूझबूझ रेलवे की जीत की नींव बनी। वहीं नेट पर अपनी फुर्ती के लिए मशहूर कविता ने ब्लॉक और स्मैश के बीच शानदार संतुलन बनाए रखा।
पहले सेट में उनकी भूमिका गेम चेंजर की रही। एस. शालिनी ने कोर्ट के हर कोने को कवर किया। उनके सटीक प्लेसमेंट ने रेलवे को तीसरे सेट की हार के बाद चौथे सेट में वापसी कराने में मदद की। अनुभवी खिलाड़ी एझिलमथी ने टीम के अटैक को दिशा दी। कठिन समय में शांत रहकर अंक बटोरना उनकी खासियत रही। जेसना एनटी ने लिबरो के रूप में असंभव गेंदों को उठाकर रेलवे के काउंटर-अटैक को जीवित रखा।
प्रेरणा पाल ने राजस्थान की दिग्गज खिलाड़ियों को अपने ब्लॉक से रोके रखा। वह टीम के लिए संकटमोचक बनकर उभरीं। हालांकि राजस्थान की टीम भले ही मैच हार गई, लेकिन तीसरे सेट में उन्होंने जिस तरह 26-24 से जीत दर्ज की, उसने स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक को खड़े होकर तालियां बजाने के लिए बाध्य कर दिया। हर-हर महादेव का जयघोष लगा।
राजस्थान की कविता देवी की दमदार स्मैश ने रेलवे जैसी मजबूत टीम को भी तीसरे सेट में बैकफुट पर ला दिया। मैच की सबसे लंबी रैलियों में पूजा का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा। उन्होंने नेट पर रेलवे के दिग्गजों को कड़ी टक्कर दी। इसी प्रकार राजस्थान की आयुषी बी. ने टीम के तालमेल को बनाए रखा। मुश्किल समय में उन्होंने रेलवे के सर्विस पॉइंट्स को अपनी बेहतरीन रिसीविंग से रोका।
सर्विसेज के लिए कांस्य जीतने का मौका
पुरुष वर्ग के पहले सेमीफाइनल में भले ही रेलवे के हाथों सर्विसेज को 3-2 से शिकस्त खानी पड़ी है। मगर प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने का उसके पास मौका बरकरार है। रविवार को तीसरे स्थान के लिए उसे खेलना है। यदि टीम जीतती है तो उसे कांस्य पदक हासिल होगा। बहरहाल, सेमीफाइनल में पहला सेट गंवाने के बाद अंतरराष्ट्रीय सितारों से सुसज्जित रेलवे ने दूसरे सेट में वापसी की। मगर तीसरे सेट में उसे सर्विसेज ने हराकर अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा। मगर चौथे और पांचवें सेट में रेलवे ने जीत दर्ज की फाइनल का सफर तय किया। उधर, पुरुष वर्ग के दूसरे सेमीफाइनल में केरल ने पंजाब को सीधे सेटों में 3-0 से हरा दिया।
आज सुबह आठ बजे से खेले जाएंगे मैच
प्रतियोगिता के अंतिम दिन रविवार को कोर्ट नंबर एक और दो पर सुबह आठ बजे से तीसरे स्थान के लिए हार्डलाइन मैच खेले जाएंगे। इसके बाद सुबह साढ़े दस बजे से महिला वर्ग और दोपहर डेढ़ बजे से पुरुष वर्ग का फाइनल खेला जाएगा। विजेताओं को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक पुरस्कृत करेंगे।
चैंपियन टीम को ट्राॅफी और मेडल के साथ ही ढाई-ढाई लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। उपविजेता टीम को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, मेडल व ट्राॅफी प्रदान की जाएगी। इसी तरह तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीम को एक-एक लाख रुपये का नकद इनाम और मेडल प्रदान किया जाएगा। प्रतियोगिता में उम्दा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यक्तिगत पुरस्कार भी दिए जाएंगे।