वाराणसी जिले के करसड़ा के उदय पटेल का अंडर-19 राष्ट्रीय कबड्डी टीम में चयन हुआ है। उदय पटेल ने पिता के निधन के बाद मां के साथ काफी संघर्ष किया। उन्होंने खेतों में काम किया। गांव के एक शख्स को कबड्डी खेलते देख इसके प्रति लगाव हो गया। इसके बाद उसने कड़ी मेहनत और जज्बे के बल पर कामयाबी हासिल की।
कर्नाटक में 24 से 27 जनवरी तक होने वाली राष्ट्रीय कबड्डी अंडर-19 प्रतियोगिता में वाराणसी के उदय पटेल भी प्रतिभा दिखाएंगे। कठिन परिश्रम और लंबा सफर तय करने के बाद वह चुने गए हैं। उदय 20 जनवरी को कर्नाटक रवाना होंगे। करसड़ा निवासी उदय के जूनुन के आगे आर्थिक तंगी भी बौनी साबित हुई। 2018 में सिगरा में खेलने के दौरान कंधे की हड्डी टूट गई, एक साल तक मैदान से दूर रहना पड़ा।
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उदय ने बताया कि पिता के निधन के बाद से घर की माली हालत खराब हो गई थी। मां के साथ खेतों में काम किया। गांव में एक व्यक्ति को कबड्डी खेलते देख इसके प्रति लगाव हो गया। 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर करसड़ा से सिगरा स्टेडियम पहुंचे और ट्रायल देने के बाद चयन हो गया। हालांकि, दो माह बाद कंधे में चोट लग गई। 2019 में ग्राउंड पर आए और उसके बाद लॉकडाउन लग गया। घर में ही अभ्यास करने लगा।
इसी बीच काशी विद्यापीठ के कबड्डी कोच से मुलाकात हुई। उनकी मदद से एपीएस कबड्डी एकेडमी में खेलने का मौका मिला। तब से पीछे मुड़ के नहीं देखा। 2022 इंदौर में खेलो इंडिया में यूपी टीम की ओर से खेला था। स्टेट चैंपियनशिप में उन्हें दूसरा स्थान मिला। सर्वाधिक मदद कोच अमित कुमार गौतम ने की।
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35 किमी साइकिल चलाकर मैदान पहुंचते थे
उदय को प्रतिदिन घर से 35 किलोमीटर दूर साइकिल चलाकर हरहुआ एकेडमी जाना पड़ता था। बताया कि पहले वह सिगरा स्टेडियम में अभ्यास करने जाते थे। निर्माण की वजह से स्टेडियम में खेलकूद बंद हो गया। कई खिलाड़ी खेल छोड़कर घर बैठ गए हैं।