वाराणसी। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने राजातालाब के पास शाहंशाहपुर में चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले गंगातीरी गाय के संवर्द्धन केंद्र की आधारशिला सोमवार को रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस केंद्र के खुल जाने के बाद गंगातीरी से दूध की गंगा बहेगी।
कृषि मंत्री ने संवर्द्धन केंद्र को नई श्वेत क्रांति की दिशा में बड़ा कदम बताया। कहा कि बनारस में गायों के लिए राष्ट्रीय स्तर के ब्रीडिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।
शाहंशाहपुर के राजकीय कृषि एवं पशुधन प्रक्षेत्र पर सुदृढ़ीकरण योजना के तहत संवर्द्धन केंद्र की नींव रखने के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि गोवंश के बिना खेती-किसानी की संस्कृति अधूरी है। एक गाय एक परिवार का भरण-पोषण करने के साथ ही खेत व बाग को भी उर्वर बना सकती है। कहा कि तापमान में बढ़ोतरी से विदेशी नस्ल की गायों और देशी भैंसों पर संकट आ गया है। उनकी प्रजनन क्षमता प्रभावित हो रही है।
मगर स्वदेशी गायों में मौसम परिवर्तन को सहने की क्षमता अधिक है। देशी गायों के प्रजनन पर मौसम का असर नहीं पड़ता। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चाहते हैं देशी नस्ल की गायों का संवर्द्धन और संरक्षण हो और वे अधिक दुधारू हों। कहा कि 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर राष्ट्रीय गोकुल मिशन बनाया गया है।
ब्रीडिंग सेंटर खोलने के लिए राज्यों को पैसा दिया जा रहा है। 25 राज्यों में गोवंश संवर्द्धन की परियोजनाओं का शुभारंभ हो चुका है। बताया कि गोकुल ग्राम योजना के तहत जिला से लेकर ग्राम स्तर तक देशी गायों की प्रतियोगिताएं होंगी। इस प्रतियोगिता में अच्छी, स्वस्थ और अधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्य के लोकनिर्माण एवं सिंचाई राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल, शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह, उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बीबीएस यादव, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. बी. सिंह, डॉ. एसएनएस चौरसिया, डॉ. सुधाकर पांडेय, जयापुर की प्रधान दुर्गावती देवी और नारायण पटेल के अलावा बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक मौजूद रहे।