प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 68वें जन्मदिन पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण से लेकर काशी के विकास की पूरी तस्वीर देखी। विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना को शुरू करने से पहले लोगों के बीच जाकर सकरात्मक संदेश देने के लिए कहा।
विकास कार्यों से काशीवासियों के जीवन में आए बदलाव की जानकारी और अधिकारियों को आधारभूत ढांचों के जरिए मजदूर, किसान और नौजवान को रोजगार से जोड़ने का निर्देश दिया।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में काशी के लोगों के उत्साह की सराहना के साथ प्रधानमंत्री ने हर प्रस्तुतीकरण पर सवाल करते हुए सलाह दी। विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण योजना की जानकारी कमिश्नर दीपक अग्रवाल और प्रस्तुतिकरण डीएम सुरेंद्र सिंह ने दिया।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण की योजना का प्रजेंटेशन देखकर प्रधानमंत्री ने खुशी जताई। अब तक हुए काम की सराहना करते हुए कहा कि इस बदलाव में जनसमर्थन शामिल होना चाहिए। जनता की इस परियोजना को उनकी सलाह से ही पूरा किया जाए। इसके लिए मंदिर से जुड़े लोगों और अधिकारियों के बीच बात होनी चाहिए।
लोगों को बताया जाए कि देश भर से प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह कितना जरूरी और सुविधापरक है। स्थानीय लोगों को बताया जाए कि इसके बाद कारोबार और व्यापार में कैसे बढ़ावा मिलेगा। विस्थापित होने वालों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी दी जाए।
बदलते बनारस से लोगों के जीवन में भी आए परिवर्तन
पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
काशी में चार साल में हुए विकास कार्यों का ऑडियो विजुअल प्रजेंटेशन देखने के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में आधारभूत ढांचे के बदलाव से लोगों का जीवन भी बदलना चाहिए। रोजगारपरक योजनाओं से गांवों और किसानों को जोड़ना होगा।
निर्माण, कृषि, हस्तशिल्प सहित अन्य उद्योगों को विकास का लाभ मिले। पर्यटन के क्षेत्र में विकास कार्यो का उपयोग हो। पेरिशेबल कार्गो, दीनदयाल हस्तकला संकुल को किसानों और व्यापारियों से जोड़कर उपयोग हो। गुजरात में अपने कार्यकाल में बंजर भूमि व दूध नहीं देने वाले गोवंश के पालन से मिलने वाले रोजगार की प्रणाली पर काशी में अमल करने को की भी सलाह दी।
पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों का प्रस्तुतिकरण देखकर कहा, सम्मेलन को काशी को विश्व पटल पर लाने के एक और अवसर के रूप में लेना चाहिए। सम्मेलन के बाद काशी पूरे विश्व में अलग पहचान के साथ दिखेगी। इसके लिए सम्मेलन का पूरी काशी का उत्सव बनाना होगा।
जनसहभागिता से यह आयोजन घर-घर का हो सकता है लेकिन इसके लिए बहुत मेहनत करनी होगी। पीएम ने काशी के लोगों के उत्साह की सराहना की। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सामाजिक-धार्मिक संगठन इसमें सहयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने काशी को सुंदर बनाने के लिए भी छात्र-छात्राओं को सहयोगी बनाने के लिए कहा।
प्रधानमंत्री ने अपने गांव के ऐतिहासिक पुरातत्व फाइन आर्ट कलाकार का जिक्र करते हुए अधिकारियों से कहा कि देशभर के फाइन आर्ट्स के छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया जाए। उनकी पेंटिंग का प्रदर्शन कर इसे इसे पर्यटन से जोड़ा जाए।