देश के प्रधानमंत्री और बनारस के सांसद नरेंद्र मोदी 12 नवंबर को काशीवासियों को दिवाली का तोहफा देने आ रहे हैं। इस बार पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर गंगा की लहरों के बीच जेटी पर उतारा जाएगा। रिंग रोड का लोकार्पण करने के बाद रामनगर में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल का लोकार्पण करने के लिए प्रधानमंत्री को लेकर भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर गंगा की लहरों के बीच जेटी पर उतरेगा।
पीएम मोदी की सुरक्षा के मद्देनजर काफिले में सेना के दो और हेलीकॉप्टर होंगे। इसके लिए दो हेलीपैड बंदरगाह की जेटी पर ही बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक हेलीपैड जेटी के पूर्वी छोर पर भी तैयार हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के शहर आगमन के मद्देनजर सोमवार को नई दिल्ली से एसपीजी के आईजी आलोक शर्मा और नौ अधिकारी शहर पहुंचे। एसपीजी के अधिकारियों ने बाबतपुर एयरपोर्ट और वाजिदपुर स्थित सभास्थल व रामनगर स्थित कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद पीएम मोदी के लिए हेलीपैड, मंच और आमजन के लिए बैठने के स्थान को एसपीजी के अधिकारियों ने हरी झंडी दी। एसपीजी अधिकारियों ने वाजिदपुर में सभास्थल से गुजर रहे बिजली के खंभे हटाने को कहा। प्रधानमंत्री के लिए मंच के पीछे बाउंड्री, कंट्रोल रूम, पीएमओ व गवर्नर कॉटेज ,मुख्यमंत्री कॉटेज सहित अन्य आवश्यक कमरे बनाए जाने का निर्देश दिया।
अधिकारियों के अनुसार एसपीजी की दूसरी टीम नौ नवंबर को शहर आएगी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बीच जिलाधिकारी ने मातहतों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
रोड शो कर सकते हैं पीएम मोदी
बनारस में पीएम मोदी का रोड शो
- फोटो : file photo
इस दौरे के दौरान पीएम रिंग रोड का लोकार्पण करेंगे। सूत्रों की मानें तो हरहुआ से संदहा तक 16 किमी रिंग रोड पर चल कर प्रधानमंत्री जौनपुर, आजमगढ़ और गाजीपुर मार्ग के लिए सुगम यातायात की सुविधाओं की सौगात देंगे। दरअसल, पूर्व में भी पीएम ने जहां-जहां सड़कों, रिंग रोड और टनल का लोकार्पण किया है, वहां उन्होंने चहलकदमी जरूर की है।
पीएम मोदी के 15वें दौरे में तीन बड़े प्रोजेक्ट के लोकार्पण के साथ मिशन 2019 की भी झलक दिखेगी। इसीलिए कार्यक्रम में उन लाभार्थियों को लाया जाएगा, जिन्होंने केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्राप्त किया है। दौरे में काशी के प्रबुद्ध लोगों से मुलाकात कर काशी के विकास पर चर्चा करने के कार्यक्रम पर भी विचार किया जा रहा है।
दरअसल, प्रधानमंत्री 2014 से पहले की काशी और अब की काशी के बदलाव का अनुभव प्रबुद्धजनों से ही सुनना चाहते हैं। इसके साथ ही बाबा विश्वनाथ, मां गगा, काल भैरव, दुर्गा मंदिर और संकट मोचन मंदिर में दर्शन-पूजन की भी योजना बनाई जा रही है। हालांकि सभी योजनाओं के बारे में दिवाली बाद पीएमओ से कार्यक्रम फाइनल होने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।