प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का काम भूमि पूजन के साथ ही शुरू हो जाएगा। आठ मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) के विधिवत पूजन अर्चन के बाद पहले और तीसरे चरण के काम की नींव रखी जाएगी। परियोजना के लिए 18 हजार वर्गमीटर जमीन का समतलीकरण किया जा चुका है। सबसे पहले गंगा से काशी विश्वनाथ मंदिर के रास्ते को भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
39 हजार वर्गमीटर में तैयार होने वाले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रोजेक्ट मॉडल तैयार कर लिया गया है। आठ मार्च को प्रधानमंत्री भूमि पूजन के साथ प्रोजेक्ट मॉडल का अनावरण करेंगे। इसके अनुसार चार चरणों में कॉरिडोर का काम पूरा किया जाएगा।
पहले चरण में मंदिर परिसर और तीसरे चरण में गंगा घाट क्षेत्र को विकसित किया जाना है। तीसरे चरण का काम आठ मार्च से ही शुरू हो जाएगा। इसमें गंगा तट पर स्थित नेपाली मंदिर से लेकर ललिता घाट, जलासेन घाट और मणिकर्णिका घाट के आगे सिंधिया घाट तक का हिस्सा शामिल हैं।
एक किलोमीटर लंबे इस क्षेत्र से श्रद्धालु स्नान करके आसानी से मंदिर तक दर्शन पूजन करने के लिए जा सकेंगे। दूसरे और चौथे चरण का निर्माण ध्वस्तीकरण का काम पूरा होने के बाद होगा। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि भूमि पूजन के साथ कॉरिडोर का काम शुरू हो जाएगा।
सात समूहों को पीएम मोदी के हाथों मिलेगा सम्मान
kashi vishwanath corridor
- फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ मार्च को बड़ा लालपुर स्थित हस्तकला संकुल में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सात समूहों को सम्मानित करेंगे। इन समूहों को पीएम इलेक्ट्रानिक चाक, सोलर चरखा और हनी वार्प भी सौंपेंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद भी करेंगे।
वह स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री सत्यदेव पचौरी भी मौजूद रहेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री विश्वनाथ मंदिर परिसर में चलचित्र के माध्यम से परियोजना की प्रगति भी देखेंगे और गंगा दर्शन भी करेंगे।
मंदिर कॉरिडोर एक नजर में
kashi vishwanath corridor
- फोटो : amar ujala
परियोजना का कुल क्षेत्रफल -39310 वर्गमीटर, क्रय भवनों का क्षेत्रफल -21505.92 वर्गमीटर, ध्वस्तीकरण क्षेत्रफल -10824 वर्गमीटर, मंदिर और घाटों का क्षेत्रफल -6980 वर्गमीटर, भवनों के क्रय में खर्च -290 करोड़, क्रय योग्य संपत्तियां -270, क्रय की गई संपत्तियां -234, प्राचीन मंदिरों की मणिमाला -31 है। बता दें कि 23 सेवइत संपत्तियों में 20 का सेवइतनामा मंदिर न्यास के पक्ष में हो गया है।