वाराणसी में नाना पाटेकर
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बता दें कि बनारस में फिल्म जर्नी की शूटिंग चल रही है। कुछ दिन पहले अस्सी घाट पर काशी की मस्त मौला जिंदगी की कहानी को समेटे जर्नी फिल्म का मुहूर्त रामधुन के बीच संपन्न हुआ। सूट बूट में पहुंचे सिने अभिनेता नाना पाटेकर ने लाइट, कैमरा, एक्शन... के बाद अभिनय शुरू किया। इस दौरान उनके साथ कलाकार डमरू, झाझ, मंजीरा बजाते दिखाई दिए। इससे पहले महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सेट पर ही उनका स्वागत किया। महापौर ने फिल्म के पहले दृश्य का मुहूर्त फि्लप बजाकर किया।
सेंसर बोर्ड के दायरे में होने चाहिए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स
गदर-2 के बाद जर्नी फिल्म का निर्देशन कर रहे अनिल शर्मा ने शूटिंग के दौरान मीडिया से कहा कि सेंसर बोर्ड के दायरे में नहीं होने के चलते ओटीटी कुछ ज्यादा ही बोल्ड हो गया है। इसे उचित नहीं कहा जा सकता। बेशक यह हमारे हाथ में है कि हम क्या देखें, क्या ना देखें लेकिन इसका यह कतई यह मतलब नहीं है कि दर्शकों को कुछ भी परोसा जाए। किसी को भी बाउंड्री लाइन तोड़ने का हक नहीं है। यह भी सच है कि ओटीटी के कारण कई लोगों को काम मिला है। कई नए कलाकार चमके हैं लेकिन इसे सेंसर बोर्ड के दायरे में लाया जाना चाहिए।
बनारस की कहानी में काम करना ही मेरे के लिए नया अनुभव
अभिनेता नाना पाटेकर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि बनारस की कहानियां खूब सुनी हैं। मगर, पहली बार बनारस के अलमस्त जिंदगी पर बन रही फिल्म में काम करने का मेरा अनुभव बिल्कुल नया है। जर्नी की कहानी में थोड़े आंसू और ज्यादा खुशी है। मैं तो बनारस को महसूस भी कर रहा हूं।