नमामि गंगे के सदस्यों ने काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में पंचक्रोशी यात्रियों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया। पंचक्रोशी यात्रियों पर पुष्प वर्षा के दौरान मणिकर्णिका तीर्थ क्षेत्र हर-हर महादेव, बोल बम और जय शिव शंकर के घोष से गुंजायमान रहा।
33 कोटि देवी-देवताओं को प्रसन्न करने वाली पंचक्रोशी परिक्रमा के यात्रियों पर शनिवार को नमामि गंगे ने पुष्प वर्षा की । तीर्थों में सर्वोच्च मणिकर्णिका चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती उतार कर जल संरक्षण की कामना की गई।
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नमामि गंगे के सदस्यों ने काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में पंचक्रोशी यात्रियों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया। पंचक्रोशी यात्रियों पर पुष्प वर्षा के दौरान मणिकर्णिका तीर्थ क्षेत्र हर-हर महादेव, बोल बम और जय शिव शंकर के घोष से गुंजायमान रहा। तकरीबन 3300 वर्ष पुरानी 85 किमी लंबी पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के यात्री चक्र पुष्करिणी कुंड की आरती कर सम्मान पाकर गदगद नजर आए। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
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नमामि गंगे टीम ने गंगा किनारे मणिकर्णिका तीर्थ व चक्र पुष्करिणी कुंड के आस-पास सफाई की। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि सावन भगवान भोलेनाथ का महीना है। सावन माह में पंचक्रोशी परिक्रमा को पूर्ण करने वाले व्यक्ति को 33 कोटि देवी देवताओं की पूजा-अर्चना और अश्वमेध यज्ञ कराने जैसा पुण्य लाभ मिलता है। पुराणों में कहा गया है, ‘इदं मम प्रियंक्षेत्रं पंचकोशीपरीमितः यानी पांच कोस तक विस्तृत यह क्षेत्र (काशी) भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला शुक्ला, महानगर संयोजक शिवदत्त द्विवेदी , महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, पंकज अग्रहरी, सरस्वती देवी, सितारा देवी, चंपा देवी, निर्मला देवी, श्वेता गुप्ता, झिनकू, अनीता आदि उपस्थित रहे ।