शहर के सीवर को निकालने के लिए या तो मुख्य लाइन खोलनी होती है या फिर गोदौलिया से बेनियाबाग तक बिछाई गई डायवर्जन लाइन से मोटर पंप चलाकर उसे निकालना होता है। पंप चलाने से बचने के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों ने सीवर सीधे गंगा में बहा दिया। व्यवस्था के अनुसार, सीवर कोनिया पंपिंग स्टेशन जाना चाहिए था और वहां से उसे दीनापुर एसटीपी शोधन करने के लिए भेजना था।