शुभम को डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाते ही पिंकी अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी। पड़ोसियों ने पानी छिड़का तो वह बेटे के शव से लिपट कर बिलखने लगी। पिंकी का कहना था कि पति ने पहले ही नाता तोड़ लिया है। बेटा ही जीने का सहारा था।
दूसरों के घर में चौका बर्तन कर उसे पढ़ालिखा रही थी। अब किसके सहारे यह जीवन कटेगा। पिंकी का बिलखना देख उसे ढांढस बंधाने आई मुहल्ले की महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी।