गंगा तट पर नमामि गंगे की तरफ से वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। पॉलिथीन कचरा तथा गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जित की गई पूजा सामग्री के अवशेषों को गंगा के जल से बाहर निकाला गया।
वैशाख पूर्णिमा पर काशी में सभी घाटों पर भक्तों ने गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। इस दौरान नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। गंगा को स्वच्छ रखने के लिए लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं को जागरूक किया गया।
विज्ञापन
भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए पर्यावरण संरक्षण के संदेश को ध्वनि विस्तारक यंत्र से जन-जन तक पहुंचाकर गंगा को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। विश्व कछुआ दिवस पर प्रदूषण से गंगाजल की रक्षा कर रहे, कछुओं के संरक्षण की अपील की। इस दौरान गंगा की तट और किनारे पड़ी गंदगी को उठाकर कूड़ेदान तक पहुंचाया गया।
विज्ञापन
पॉलिथीन कचरा तथा गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जित की गई पूजा सामग्री के अवशेषों को गंगा के जल से बाहर निकाला गया। नमामि गंगे की टीम को देख वहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी टीम का साथ दिया। उन्होंने मां गंगा की आरती उतारकर स्वच्छता का संकल्प लिया।
संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि तथागत भगवान बुद्ध ने पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया है। वह कहते थे कि मनुष्य को अपने किसी भी कृत्य से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।