वाराणसी। काशी के इतिहास में 100 साल के भीतर नगर निगम के वार्ड साढ़े चार गुना तक बढ़ गए हैं। 1920 में वार्डों की संख्या 25 थीं। इस समय पांच जोन में बंटे नगर निगम में कुल 90 वार्ड हैं, जिनकी संख्या बढ़कर अब 110 हो जाएगी। अब 66 गांव और नगर निगम सीमा में शामिल हो गए हैं।
फिलहाल इन गांवों में विकास कार्य के लिए नगर निगम के पास बजट का अभाव है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। पंचायत, राजस्व विभाग से गांवों के सारे रिकॉर्ड मंगाए गए हैं। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार 1920 से लेकर 1958 तक नगर निगम में वार्डों की संख्या 25 थी। 1959 में वार्डों की संख्या बढ़कर 40 हो हुई। 1994 में वार्डों की संख्या बढ़कर 90 हो गई। 2021 में इन वार्डों की संख्या 110 हो जाएगी। इसके चलते जोन की भी संख्या बढ़ानी पड़ेगी। निगम के पास फिलहाल 90 वार्ड हैं लेकिन बढ़े गांव के लिए निगम के पास अपेक्षित संसाधन नहीं कि लोगों को आधारभूत सुविधाएं मिल सके।
विकास के लिए तैयार कराएं ब्लू प्रिंट
पूर्व महापौर सरोज सिंह के कार्यकाल में जब नगर निगम सीमा विस्तार की बात आई तो सदन ने एक स्वर से प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रस्तावित गांवों को निगम सीमा में शामिल करने के लिए पहले उन गांवों के विकास के बाबत समयबद्ध ब्लू प्रिंट तैयार किया जाए। लोगों को बताया जाए कि कब तक सीवर लाइन पड़ेगी, पेयजल पाइप लाइन कब तक डाली जाएगी, स्ट्रीट लाइटें कब तक लग जाएंगी। सड़कें कब तक बन जाएंगी। पार्क आदि कब तक तैयार होंगे।
नगर निगम सीमा में शामिल गांवों में सफाई व्यवस्था शुरू करा दी गई है। बजट और मैनपावर के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। वार्डों का नोटिफिकेशन चुनाव के समय होगा। इसी महीने बैठक कराकर 15वें वित्त की धनराशि से काम शुरू करा दिया जाएगा। -गौरांग राठी, नगर आयुक्त
66 गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास करेगा नगर निगम
नगरीय सीमा में शामिल हुए 66 गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विकास होगा। गलियां व सड़कें पक्की हो जाएंगी। सीवर, पेयजल, बिजली, नाली, नाला, स्टार्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइटें आदि के कार्य होंगे। बाजार-हाट से लेकर हाईटेक ट्रैफिक सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं सफाई कर्मी से लेकर अभियंता तक की संख्या में बढ़ोतरी होगी।