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गंगा में कालिया नाग के फन पर बंशी बजाएंगे कन्हैया: बाढ़ के कारण बदलेगा लीला स्थल, पुलिस आयुक्त ने किया निरीक्ष

Fri, 28 Oct 2022 02:46 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी के लक्खा मेलों में शुमार विश्व प्रसिद्ध नाग नथैया लीला 29 अक्तूबर को होगी। तुलसीघाट पर नीचे वाले इलाके में बाढ़ के पानी, गाद व गंदगी के कारण लीलाप्रेमियों के साथ ही आयोजन करने वालों के सामने भी चुनौतियां होंगी। गुरुवार को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने लीलास्थल और आसपास के घाटों का निरीक्षण किया। साथ ही बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए।  
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नाग नथैया लीला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी के लक्खा मेले में शामिल नाग नथैया की लीला 29 अक्तूबर को होगी। घाटों पर गंगा के जलस्तर बढ़े होने के कारण लीला के आयोजन में परेशानियां होंगी। ऐसे में लीला स्थल में बदलाव किया जाएगा। तुलसीघाट पर नीचे वाले इलाके में बाढ़ के पानी, गाद व गंदगी के कारण लीलाप्रेमियों के साथ ही आयोजन करने वालों के सामने भी चुनौतियां होंगी। गुरुवार को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने लीलास्थल और आसपास के घाटों का निरीक्षण किया। साथ ही बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए।  

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नाग नथैया लीला - फोटो : अमर उजाला
लीला के संयोजक प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नागनथैया लीला होगी। कंदुक क्रीड़ा स्थल के प्लेटफार्म पर पानी होने के कारण दूसरे स्थान पर लीला होगी। इसकी तैयारियां चल रही हैं। प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ के अलावा पर्याप्त पुलिस व पीएसी की तैनाती की गई है। लीला दोपहर तीन बजे से शुरू होती है। इसे देखने के लिए लोग घाटों के रास्ते आते हैं। घाटों का संपर्क पानी के कारण टूटा हुआ है। लीला स्थल पर पहुंचने के तीन रास्ते हैं। पहला अस्सी-भदैनी मार्ग से तुलसीघाट आने वाला मुख्य रास्ता और दूसरा अस्सी से रामजानकी मंदिर व लक्ष्मीबाई जन्म स्थली होते हुए। इसके अलावा अस्सी घाट जानेवाले मुख्य रास्ते से भी लोग आ सकते हैं।

संकटमोचन मंदिर से आती है कदंब की डाल
लीला के दौरान जिस कदंब के पेड़ की डाल पर खड़े होकर भगवान श्रीकृष्ण यमुना में कूदते हैं, वह संकटमोचन मंदिर परिसर से लाई जाती है। लीला में पहले काशी नरेश आते थे और उनके निधन के बाद से काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह परंपरा को निभा रहे हैं।
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