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बनारस में दुल्हनियां तलाशने निकले मैसूर के ब्राह्मण

Mon, 13 Nov 2017 10:33 AM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
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दुल्हन - फोटो : demo pic
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विश्व का सबसे पु‌राना शहर काशी मोक्ष के लिए तो जाना ही जाता है। अब बाबा विश्वनाथ की नगरी से लोग अपने बेटों के लिए दुल्हन की तलाश में आ रहे हैं। दक्षिण भारत के लोग अपने पेशे के हिसाब से योग्य दुल्हन की तलाश में वाराणसी की तरफ कूच कर रहे हैं।
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पूरे देश में दक्षिण के लोगों को बनारस के परिवार पसंद आ रहे हैं। कर्नाटक के मैसूर से यहां ब्राह्मण परिवार जो पूजा पाठ, खाना पकाने और किसानी के पेशे में हैं, उन्हें अपने बेटों के लिए योग्य दुल्हन तलाशने में समस्या हो रही है।

इन परिवारों की मदद के लिए दो गैर सरकारी संगठन आगे आए हैं और उन्होंने इसके लिए इंटर सिटी सलूशन तलाशा है। मैसूर के विप्र पारसपारा सहाय समिति और वाराणसी के केंद्रीय ब्राह्मण महासभा ने शनिवार को मैसूर में हुई बैठक में योग्य वधू के इस संकट को दूर करने के लिए साथ आने फैसला किया।
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केंद्रीय ब्राह्म्ण महासभा के अध्यक्ष कमलाक्ष उपाध्याय के नेतृत्व में 5 सदस्यीय दल ने मैसूर के ब्राह्मण परिवारों के साथ बातचीत की। इसमें वाराणसी के दल को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली और इस सत्र में शामिल होने के लिए 500 माता-पिता शामिल हुए। 
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बिना दहेज व बेहद सरल हो शादी  

सांकेतिक तस्वीर
इस मौके पर कमलाक्ष उपाध्याय ने कहा कि वाराणसी के परिवार भी मैसूर के लोगों के साथ वैवाहिक संबंध के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'वाराणसी की दुल्हनें मैसूर में परंपरागत पेशे से जुड़े ब्राह्मण परिवारों में शादी के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि ये शादी बेहद सरल और दहेज के बिना हो।

इसके अतिरिक्त दोनों ही एनजीओ दुल्हन के परिवार को इस बात की गारंटी देंगे कि उनकी बेटियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और कोई वैवाहिक विवाद नहीं होगा।' कमलाक्ष ने कहा कि शादी का फैसला ज्योतिषियों की सलाह या कुंडली मिलने के बाद ही लिया जाएगा।

इस कार्यशाला में शामिल परिवारों ने यह जानना चाहा कि कैसे वाराणसी विवाह का प्रस्ताव भेजा जाएगा और किस तरह से लड़की और लड़के एक-दूसरे से मिल सकते हैं। यह फैसला किया गया है कि मैसूर में काम करने वाली अनुराग मैट्रिमनी कंपनी शादी के प्रस्ताव को फाइनल करने में मदद करेगी।

उधर, विप्र पारसपारा सहाय समिति के एचवी राजीव ने कहा, 'मैसूर में ब्राह्मणों परिवारों के दुल्हनों का संकट सबसे बड़ी समस्या थी। हम दोनों शहरों के परिवारों के बीच गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। शुरुआत में मैसूर के 10 लड़कों के लिए दुल्हन तलाशना है।' 
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