विश्व का सबसे पुराना शहर काशी मोक्ष के लिए तो जाना ही जाता है। अब बाबा विश्वनाथ की नगरी से लोग अपने बेटों के लिए दुल्हन की तलाश में आ रहे हैं। दक्षिण भारत के लोग अपने पेशे के हिसाब से योग्य दुल्हन की तलाश में वाराणसी की तरफ कूच कर रहे हैं।
पूरे देश में दक्षिण के लोगों को बनारस के परिवार पसंद आ रहे हैं। कर्नाटक के मैसूर से यहां ब्राह्मण परिवार जो पूजा पाठ, खाना पकाने और किसानी के पेशे में हैं, उन्हें अपने बेटों के लिए योग्य दुल्हन तलाशने में समस्या हो रही है।
इन परिवारों की मदद के लिए दो गैर सरकारी संगठन आगे आए हैं और उन्होंने इसके लिए इंटर सिटी सलूशन तलाशा है। मैसूर के विप्र पारसपारा सहाय समिति और वाराणसी के केंद्रीय ब्राह्मण महासभा ने शनिवार को मैसूर में हुई बैठक में योग्य वधू के इस संकट को दूर करने के लिए साथ आने फैसला किया।
केंद्रीय ब्राह्म्ण महासभा के अध्यक्ष कमलाक्ष उपाध्याय के नेतृत्व में 5 सदस्यीय दल ने मैसूर के ब्राह्मण परिवारों के साथ बातचीत की। इसमें वाराणसी के दल को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली और इस सत्र में शामिल होने के लिए 500 माता-पिता शामिल हुए।