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वाराणसी: सारनाथ में धरती डोलने का रहस्य बरकरार, प्रशासनिक अमला भी हैरान

Wed, 16 Dec 2020 01:29 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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sarnath - फोटो : sarnath
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भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में धरती डोलने का रहस्य बरकरार है। प्रशासनिक अमले ने भी घटनास्थल की पड़ताल की, लेकिन जांच में कोई नतीजा नहीं निकला। लगातार धरती डोलने के कारण लोग भी दहशत में हैं।

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मंगलवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देश पर एसडीएम सदर अमृता सिंह के साथ टीम जापानी मंदिर तिराहे पर निरीक्षण के लिए पहुंची। टीम ने कंपन स्थल और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। 50 मीटर के दायरे में कंपन वाले स्थल का निरीक्षण करने के बाद टीम के सदस्यों ने लोगों से उनके अनुभव जाने। जिसे सुनने के बाद प्रशासनिक अमला भी हैरान दिखा। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्लांट की मशीन में कंपन नहीं है।


भूमिगत बिछाई गई पेयजल पाइप के आसपास के पत्थर और मिट्टी खिसकने के कारण भी कंपन्न हो सकता है। फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है, जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।  

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सात दिनों से डोल रही सारनाथ की धरती
मंगलवार को धरती डोलने का दायरा 100 मीटर तक महसूस किया गया। जापानी मंदिर मोड़ के सामने मंगलवार को भी दिन में 11:30 बजे 1:30 बजे तक कंपन महसूस किया गया। इससे लोगों में भय बना हुआ है। तिराहे पर स्थित एक दुकान में सबसे अधिक तेज कंपन महसूस किया जा रहा है।

कारणों का पता लगाने में जुटे भू विज्ञानी
सारनाथ में सोमवार को आए कंपन की घटना से भू विज्ञानी हतप्रभ हैं। बीएचयू के भू विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि इस घटना की जानकारी देश भर के भू विज्ञानियों के व्हाटस ग्रुप में दी। इसमें सभी लोग जांच की बात ही कर रहे हैं। ज्यादातर संभावना है पुरातात्विक अवशेषों के धंसने की वजह से ही ऐेसा हो सकता है। आम तौर पर मानसून की बारिश के बाद पानी जमा हो जाता है जो गैस के रूप में निकलने लगता है। इससे कंपन की संभावना अधिक रहती है।

इसे हाइड्रोसाइसिनी सिटी यानी पानी से जुड़ा पृथ्वी का कंपन कहते हैं। प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक देश भर के वैज्ञानिकों का जो मत है यही कहा जा सकता है कि सारनाथ में या तो अंदर पानी और गैस के मिश्रण की वजह से ही कंपन हुआ होगा, नहीं तो पुरातात्विक अवशेषों के धंसने से ऐसा हो रहा होगा। अब जांच के बाद ही सही तस्वीर साफ हो पाएगी।

सप्ताह भर से मेरे कार्यालय में कंपन महसूस हो रहा था लेकिन हम लोग सोच रहे थे कि शादी, विवाह में डीजे बजने के कारण ऐसा हो रहा है। सोमवार को तेज कंपन महसूस हुआ। कार्यालय का शटर जोर से हिल रहा था और टेबल पर रखे सामान नीचे गिर गए। -रिंकू यादव, ट्रैवेल संचालक
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अभी तक धरती के हिलने का कारण समझ में नहीं आया है। कई लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। जब तक स्थिति साफ नहीं हो जाती दहशत बनी रहेगी। -नेहरू लाल 

कल मैं दुकान पर सिलाई कर रहा था तो कई बार कंपन महसूस हुआ। सिलाई भी हिलने के कारण खराब हो गई। आज दोपहर में भी दुकान के सामान हिल रहे थे। -सुरेश कुमार, दुकानदार

धरती में कंपन तेज होने के कारण हलचल बहुत तेज थी। अभी तक अधिकारियों ने भी कोई बात नहीं बताई है। इससे मन में डर बना हुआ है। -पप्पू यादव, दुकानदार

पुरातत्व विभाग अनजान
सारनाथ में धरती कांपने की घटना के बाद भी पुरातत्व विभाग पूरी तरह अनजान बना हुआ है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने न तो घटनास्थल का निरीक्षण किया और न ही कोई जानकारी उपलब्ध कराई है।
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