बजरडीहा स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में रविवार को जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने जन चौपाल लगाकर आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान इलाके में व्याप्त गंदगी, सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या पर डीएम ने खासी नाराजगी जताई। नगर निगम के जोनल अधिकारी और सफाई निरीक्षक को जमकर फटकार लगाते हुए डीएम ने ताकीद की कि अभियान चलाकर बजरडीहा क्षेत्र की साफ सफाई की व्यवस्था मुकम्मल कराई जाए।
जिलाधिकारी ने आजाद नगर-चौरी मार्ग और धौरहरा में सीवर ओवरफ्लो की समस्या देखकर जलकल के अभियंता एमपी सिंह को फटकार लगाई। कहा कि सीवर ओवरफ्लो की समस्या का जलकल के अभियंता समाधान कराएं। वहीं, जिवधीपुर स्थित हनुमान मंदिर के बगल में बीते दस माह से ट्रांसफार्मर न लगने के कारण बिजली विभाग के अभियंताओं को कार्रवाई की चेतावनी दी। चौपाल के बाद डीएम ने छाही का निरीक्षण किया। वहां एक पोखरे के समीप कूड़े का ढेर देख नगर निगम के सफाई निरीक्षक पर फिर नाराजगी जताई। डीएम ने नगर निगम, जलकल और बिजली विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे जब अगली बार बजरडीहा इलाके का निरीक्षण करने आएं तो वर्तमान समय में मौजूद समस्याएं उन्हें न दिखें। अन्यथा की स्थिति में संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी को निलंबित किया जाएगा।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने डीएलडब्यू पानी टंकी से आईटीआई स्कूल तक 700 मीटर सड़क के नवनिर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब मिलने और काम की धीमी गति पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। ठेकेदार एस इंटरप्राइजेज को 15 सितंबर तक गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कार्य पूरा करने की ताकीद करते हुए लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड भवन के अधिशासी अभियंता को कड़ी चेतावनी जारी की। साथ ही, किसी भी प्रकार की अनियमितता बरतने पर ठेकेदार को जेल भेजने की चेतावनी दी। जिला योजना अंतर्गत निर्माणाधीन तीन सड़कों का डीएम औचक निरीक्षण करने निकले थे। गुणवत्ता खराब मिलने और काम की गति धीमी होने पर ठेकेदार को तलब किया। ठेकेदार चंद्रा नहीं मिला तो अभियंताओं ने उसके कर्मी राजन को पेश किया। इस पर डीएम भड़क गए और उसे पुलिस कस्टडी में सौंपने को कहा। कुछ ही देर बाद डीएम के महामना नगर करौंदी में निर्माणाधीन सड़क के निरीक्षण के दौरान ठेकेदार चंद्रा आ गया। डीएम ने उसे फटकारते हुए 15 सितंबर तक निर्माण कार्य पूरा करने की हिदायत दी। उन्होंने रमना में महादेव बाबा मंदिर से गंगा घाट तक निर्माणाधीन सड़क का भी निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता लोनिवि निर्माण खंड भवन केपी वर्मा को सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करने की चेतावनी दी। साथ ही, सड़क की फिनिशिंग मानक के अनुरूप न होने पर अधिशासी अभियंता के खिलाफ नोटिस जारी किया और जेई बीडी तिवारी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी।