ये दिए गए निर्देश
-रमजान में भी कोविड प्रोटोकॉल पर पूरी तरह से अमल किया जाए।
-रमजान के रोजे फर्ज हैं, इसलिए सारे मुसलमान जरूर रखें।
तरावीह सुन्नत मुअक्किदा है उसका एहतिमाम जरूर करें।
-मस्जिदों में तरावीह में डेढ़ पारे ही पढ़े जाएं, जिससे कि नमाजी नाइट कर्फ्यू शुरू होने से पहले अपने अपने घर पहुंच जाएं।
-मस्जिद में 100 से अधिक लोग एकत्रित न हों।
मस्जिद में भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जाए।
सेहरी के समय जगाने के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग न करें।
इफ्तार में भी 100 से अधिक लोग जमा न हों।
रमजान में विशेषकर इफ्तार के समय कोरोना के अंत के लिए दुआ करें।
जो लोग हर साल मस्जिद में गरीबों के लिए इफ्तारी का आयोजन करते थे वह लोग इस साल भी करें।
जो लोग हर साल रमजान में इफ्तार पार्टियां करते थे वह इसी रकम को या इसका राशन गरीबों को दे दें।
जिन लोगों पर जकात फर्ज है, वह जरूर अदा करें।