मुकद्दस माह ए रमजान कोरोना संक्रमण के बीच 13 या 14 अप्रैल से शुरू हो सकता है। चांद की तस्दीक होने के बाद पहला रोजा रखा जाएगा। वाराणसी में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुस्लिम धर्मगुरुओं ने पूरे समुदाय से घरों के अंदर ही रोजा और नमाज अदा करने की गुजारिश की है। धर्मगुरुओं ने अपील करते हुए कहा है कि कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें।
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शहर ए काजी मौलाना मोहम्मद गुलाम यासीन का कहना है कि रमजान के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करें। रोजेदार इस बात को सुनिश्चित करें कि रमजान के मुबारक महीने में कोई भी इंसान भूखा न रहे। जिन लोगों पर जकात फर्ज है वे गरीबों में जकात जरूर बांटें। तरावीह भी जरूर पढ़ें मगर मस्जिद में एक वक्त में पांच से अधिक लोग जमा न हों।
मुफ्ती ए शहर अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि कि रमजान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न करें। कोरोना प्रोटोकॉल और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए घरों में ही नमाज अदा करें। मस्जिदों में भीड़ लगाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।
शिया जामा मस्जिद के हाजी फरमान हैदर ने कहा कि चांद की तस्दीक होते ही रमजान-उल-मुबारक का आगाज हो जाएगा। सभी मुसलमानों से गुजारिश है कि वे रमजान में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें और सामाजिक दूरी बनाए रखें। मस्जिदों में भी रमजान में पांच ही लोग रहेंगे।