इस पर टीम ने रोहनिया थाना प्रभारी विमल मिश्रा को साथ लेकर घेराबंदी कर सुबह छोटू को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में छोटू ने बताया कि कमल भारद्वाज की हत्या मंडुवाडीह के पहाड़ी निवासी नान्हू यादव ने की थी। घटना वाले दिन नान्हू ने फोन कर मुझे लठिया तिराहे पर बुलाया और कमल भारद्वाज भी वहां पहुंचा। सभी ने साथ में शराब पी।
जब कमल नशे में धुत होकर अचेत हुआ तो नान्हू ने कहा कि दो साल पूर्व कमल ने मुखबिरी कर मुझे जेल भिजवाया था। उसका बदला इसकी हत्या कर लेगा। इसके बाद हमने उसका बेल्ट खोला और गले को कसते हुए नान्हू ने दीवार से टकराकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को एक बोरे में पत्थर ईंट भरकर पोखरे में फेंक और वहां से 100 मीटर दूर पर उसके बेल्ट व जैकेट को जलाकर बाइक से भाग निकले थे।
पढ़ेंः नीट सॉल्वर गैंग: 15वां आरोपी चिकित्सक लखनऊ से गिरफ्तार, पहले भी दो बार जा चुका है जेल
क्षेत्राधिकारी सदर अखिलेश राय ने बताया कि नान्हू यादव पर वाराणसी व गाजीपुर में 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह बात भी सामने आई कि घटना के दूसरे दिन नान्हू अपने एक पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया। मंडुवाडीह के रहने वाले कमल राजभर पर भी वाराणसी के विभिन्न थानों में 10 मुकदमे दर्ज थे।
26 दिसंबर को घर से गायब रहने के दौरान पांच जनवरी को कमल का शव पोखरे में मिला था। इस पर कमल के पिता मदन लाल राजभर ने प्रेम प्रसंग में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं नामजद आरोपियों के परिजन ने पुलिस की कार्यशैली की तारीफ की। बोले, पुलिस ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।