आसपास के लोगों के जुटने पर आरोपी मौके से भाग निकले। डायल-112 पर सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची शिवपुर थाने की पुलिस ने घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, घटना के बाद आरोपी राजाराम के परिवारजन घर छोड़कर फरार हो गए। पिता की मौत की सूचना मिलते ही बेटे अनिल और मनोज और चार पुत्रियों में कोहराम मच गया।
भूत-प्रेत के चक्कर में हत्या की सूचना पाकर डीसीपी वरूणा विक्रांत वीर, एडीसीपी प्रबल प्रताप सिंह फोर्स संग घटनास्थल पर पहुंचे और घटना के बाबत पड़ोसियों और शिवपुर इंस्पेक्टर पीपी सिंह से जानकारी ली। इस संबंध में डीसीपी वरूणा विक्रांत वीर ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। दोनों परिवार के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
घटनास्थल पर राजेंद्र के परिजनों ने शिवपुर थाने की पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बहू काजल का आरोप रहा कि शाम में मारपीट की घटना पर पुलिस पहुंची थी लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। मारपीट की घटना को यदि पुलिस गंभीरता से ली होती तो ससुर की जान बच जाती।
घरों में रंगाई और पुताई का काम करके जीविका चलाने वाले वृद्ध राजेंद्र की छह संतान में सबसे छोटी बेटी मनीषा की शादी नहीं हुई थी। मनीषा की शादी के लिए ललायित रहने वाले राजेंद्र की यह इच्छा अधूरी ही रह गई है। चार पुत्रियां में आरती, अनिता, सुनीता व मनीषा है। उधर, पत्नी लक्ष्मीना भी इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी।