राजेंद्र ने अमर को बताया कि उसकी मां आभूषण व्यवसायी की दुकान पर जाने की बात कह कर निकली थी। कुछ देर बाद अमर ने घर के पीछे के एक कमरे में बोरे से ढकी हुई जमीन और अगल-बगल मिट्टी गिरी हुई देखी। संदेह होने पर उसने आसपास के लोगों से फावड़ा लेकर बोरा हटा कर खुदाई शुरू की तो उसकी मां आशा देवी का जगह-जगह से चोटिल शव दिखा। इसी बीच राजेंद्र साइकिल लेकर घर से भाग निकला। अमर भाग कर लोहता थाने पहुंचा तो कुछ देर बाद पुलिस आई और शव बाहर निकाला गया।
सीओ सदर डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ है कि किसी धारदार हथियार से महिला के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर वार किया गया है। आशंका है कि उसका गला भी दबाया गया था। आरोपी राजेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश कराई जा रही है।
शव गलाने के लिए छिड़का था नमक
परिजनों ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद और आशा देवी के तीन पुत्र कमलेश, रामविलास व अमर और एक बेटी है। बेटी का विवाह दो वर्ष पूर्व हो गया था। तीनों बेटे मजदूरी करते हैं। पड़ोसियों के अनुसार तांत्रिक राजेंद्र गुस्सैल किस्म का था और आए दिन आशा को बुरी तरह से पीटता था। उसके गुस्सैल स्वभाव के कारण ही पड़ोसियों से भी उसकी नहीं बनती थी। उधर, पुलिस ने बताया कि राजेंद्र ने आशा का शव गलाने के लिए उस पर नमक छिड़क दिया था। पुलिस वारदात को अंजाम देने में प्रयुक्त धारदार हथियार की तलाश कर रही है। मौके से पुलिस को लकड़ी का एक बड़ा टुकड़ा मिला है। उधर, इस वारदात से बस्ती के लोग खासे भयभीत दिखे।