जेल से बाहर आने के बाद शुभम झोला व्यापारी के साले और परिजनों को परेशान करता था। इसके साथ ही झोला व्यापारी के साले से जबरन पैसा भी वसूलता था। इन सबसे आजिज आकर झोला व्यापारी के साले ने शुभम के दोस्तों और उनके करीबियों को पांच लाख रुपये में उसकी हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद 22 दिसंबर की रात रमाकांत नगर कॉलोनी स्थित फ्लैट में शुभम को बुलाया गया। उसके साथ रवि भी आ गया तो उसकी भी हत्या कर दी गई। 23 दिसंबर को एक मैजिक में दोनों का शव रजाई-गद्दा और मेज के बीच रखकर अहरौरा में ले जाकर पहाड़ी के नीचे फेंक दिया गया। पांच जनवरी को दोबारा जाकर देखा गया तो दोनों के शव जस के तस थे, इसलिए उन पर 10 लीटर तेजाब उड़ेल दिया गया। इस संबंध में सोमवार को कोतवाली थाने की पुलिस ने बताया कि वारदात से संबंधित सभी आरोपी गिरफ्त में आ गए हैं। इस वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है, इसलिए सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
शुभम हमारी जान के लिए खतरा बन गया था, वह हमें मार देता
कोतवाली थाने की पुलिस की पूछताछ में झोला व्यापारी के साले ने बताया कि शुभम उसकी और उसके परिजनों की जान के लिए खतरा बन गया था। वह कभी भी उसकी हत्या करा सकता था। कारण कि चौक और कोतवाली क्षेत्र के कई अपराधियों के साथ उसका रोजाना उठना-बैठना था। शुभम उसकी हत्या करता इससे पहले ही उसने उसके दोस्तों के साथ साजिश रचकर उसे ठिकाने लगवा दिया। इस बीच झोला व्यापारी के साले ने रवि पांडेय की हत्या पर दुख जताया। कहा कि रवि को नहीं बुलाया गया था। वह शुभम की दोस्ती में उसके कहने पर खाने.पीने के चक्कर में आ गया था। अगर रवि को छोड़ दिया जाता तो वह राज उजागर कर देता। इसी वजह से रवि की भी हत्या करनी पड़ी। झोला व्यापारी के साले ने यह भी बताया कि शुभम की हत्या की बात पांच लाख रुपये में तय हुई थी, लेकिन वारदात को अंजाम देने वालों को वह अभी पूरा पैसा नहीं दे पाया है।