फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी कॉलेज में हत्या: वाराणसी में 8 साल से रहता था सूर्य, त्योहार मनाने गांव जाता था; पड़ोसियों ने कही ये बात

Fri, 20 Mar 2026 09:22 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: वाराणसी के यूपी काॅलेज में गाजीपुर निवासी छात्र सूर्य प्रताप की हत्या की जानकारी मिलते ही उसके गांव में मातम छा गया। परिवार के लोग पहले से ही सूर्य के साथ रहते आ रहे थे। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
गांजीपुर स्थित सूय प्रताप के घर पर बंद ताला। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

UP Crime: रामपुरमांझा थाना क्षेत्र के दुबईठा गांव निवासी सूर्य प्रताप सिंह उर्फ पवन करीब आठ वर्षों से अपने माता-पिता और दो बहनों के साथ वाराणसी में रह रहा था। वह केवल त्योहारों पर ही गांव आता था। इस बार होली पर घर आया, लेकिन महज एक-दो घंटे रुकने के बाद वापस लौट गया। अब उसकी हत्या की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। 

विज्ञापन


उधर, सूर्य प्रताप के छोटे दादा घनश्याम सिंह गांव के बाहर पंपिंग सेट पर रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार के लोग भी वाराणसी के लिए रवाना हो गए।

शुक्रवार को यूपी कॉलेज के छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ पवन की वाराणसी में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई। दुबैईठा गांव निवासी तेज तिवारी ने बताया कि करीब आठ वर्ष पूर्व ऋषिदेव सिंह परिवार सहित वाराणसी चले गए थे। वह वहां अतुलानंद कॉलेज, वाराणसी के प्राधानाचार्य का वाहन चलाते हैं। उनकी पत्नी किरण सिंह पूर्व में उसी विद्यालय में वार्डन के पद पर तैनात थीं और वर्तमान में भी विद्यालय से जुड़ी हुई हैं। पूरा परिवार विद्यालय परिसर में मिले आवास में ही रहता है। उनकी मां मालती सिंह भी वहीं रहती हैं।
विज्ञापन


ऋषिदेव सिंह के एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी गैर-प्रांतों में नौकरी करते हैं और केवल खास अवसरों पर ही गांव आना-जाना होता है। तेज तिवारी ने बताया कि पवन के चाचा सतीश सिंह परिवार सहित दिल्ली में और कृष्णदेव सिंह परिवार सहित मुंबई में रहते हैं, जिससे पैतृक मकान पर ताला बंद रहता है।

विज्ञापन

होली के दिन के गांव आया था पवन
ग्रामीणों ने बताया कि होली के दिन पवन अकेले गांव आया था और थोड़ी देर रुकने के बाद वापस चला गया। इससे पहले दीपावली पर पूरा परिवार दो दिनों के लिए गांव आया था। ग्रामीणों के लिए यह घटना बेहद दुखद और हैरान करने वाली है। लोग यही चर्चा करते रहे कि इतने सज्जन परिवार के बेटे के साथ ऐसी घटना क्यों और कैसे हो गई। किसी ने क्या बिगाड़ा था कि हत्यारों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें