कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद का गांव लमही हेरिटेज विलेज घोषित होगा। इसके लिए शनिवार को प्रक्रिया आरंभ कर दी गई। जल्द ही इस गांव को धरोहर का दर्जा प्राप्त होगा। लमही गांव के प्रवेश द्वार पर बूढ़ी काकी, घीसू और माधव, होरी जैसे कथा पात्रों की प्रतिमाएं धरोहर के रूप में संरक्षित होंगी।
मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में शनिवार को लमही महोत्सव को लेकर हुई बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही को हेरिटेज विलेज घोषित करने के लिए प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश दिया।
क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डॉ. रत्नेश वर्मा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि लमही को हेरिटेज विलेज घोषित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया गया है। वहां मुंशी प्रेमचंद सम्मारक के अलावा राष्ट्रीय संग्रहालय के साथ ही अब पूरे गांव को धरोहर के रूप में संरक्षित किया जाएगा।
इस दौरान 31 जुलाई को होने वाले लमही महोत्सव की रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया। क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डॉ. रत्नेश वर्मा ने बताया कि इस वर्ष काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यक्रम लमही में ही आयोजित किए जाएंगे।
लमही को हेरिटेज विलेज घोषित करने के लिए कार्यवाही के निर्देश प्रदान किए गए। महोत्सव की बैठक में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अविनाश चंद्र मिश्र, डॉ गया सिंह, प्रो. सुरेंद्र प्रताप, डॉ अत्रि भरद्वाज, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव, हिमांशु उपाध्याय, प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल उपस्थित थे।