नगर निगम की ओर से जारी डिमांड नोटिस के बाद संतों ने नाराजगी जताई थी। जिसके बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अपना पक्ष जारी किया था। शुक्रवार को ईश्वरगंगी में पातालपुरी मठ नगर निगम की ओर से अधिकारी पहुंचे। संत और महंत से कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा।
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महंत बालक दास ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी आए थे। उन्होंने कहा कि गलती से नोटिस जारी हुआ था। किसी से कोई कर नहीं लिया जाएगा। न गृहकर, न सीवर कर और न ही जलकर। हम लोगों ने लिखित में मांगा तो उन्होंने कहा कि दो दिन में हम दे देंगे।
अपर नगर आयुक्त अमित कुमार गुप्ता और जोनल अधिकारी मृत्युंजय ने कहा कि सभी धार्मिक स्थल संपत्ति कर से मुक्त हैं। पहले गृहकर, जलकर और सीवर कर का अलग-अलग बिल जारी होता था।
शासन के निर्देश पर इस साल से सभी को मिलाकर एकीकृत बिल जारी किया गया। इस दौरान धार्मिक स्थल पर निर्गत बिलों में त्रुटि हुई है। किसी भी धार्मिक स्थल पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।