कज्जाकपुरा आरओबी चालू
इस साल कज्जाकपुरा आरओबी चालू कर दियाा गया है। कज्जाकपुरा आरओबी (ओवरब्रिज) की लागत 144 करोड़ रुपये है। जिसकी कुल लंबाई 1.356 किमी है और यह वाराणसी के भदऊ चुंगी से पुराने पुल तक बनता है, जिसका उद्देश्य जीटी रोड और शहर के यातायात जाम से निजात दिलाना है। इस परियोजना पर काम सितंबर 2019 में शुरू हुआ और यह भारतीय रेलवे की दो लाइनों को पार करता है। जीटी रोड और रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को खत्म हुआ। जिससे सारनाथ, रिंग रोड और चंदौली से कनेक्टिविटी आसान हो गई है।
रिंग रोड फेज थ्री गंगा पुल चालू
रिंग रोड फेज थ्री गंगा पुल 1.8 किमी पर बना है। एनएचएआई के अनुसार रिंग रोड फेज थ्री में संदहा से पंचपेड़वा की 27.27 किमी की दूरी 994 करोड़ की लागत से बनाई गई है। यहां बभनपुरा से गंगा में पुल है जो मवईकला के पास जाकर समाप्त हो रहा है। पिछले दिनों यहां लोड टेस्टिंग की गई थी। पुल के एक छोर पर विभाग की ओर से भारी वाहन अवरोधक बैरियर लगा दिया गया है। जिससे अब इस मार्ग से काेई वाहन नहीं गुजरेंगे।
हाइड्रोजन जलयान से बिना आवाज के गंगा में नौकायान हुआ आसान
साल के अंत में देश की पहली हाइड्रोजन जलयान का उद्घाटन 11 दिसंबर को हुआ। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल काशी के नमो घाट से जलयान को हरी झंडी दिखाई। 13 दिसंबर को इसे आम यात्रियो के लिए शुरू किया गया। हाइड्रोजन ऊर्जा से चलने वाला यह जलयान अन्य की तुलना में कम समय में ज्यादा दूरी तय करेगा। इससे ईंधन की बचत होगी।
इस जलयान में विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक इंजन भी लगा है। इस जलयान में 5 हाइड्रोजन सिलेंडर लगे हैं। इससे यह 12.038 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेगा। विकल्प के तौर पर 3 किलोवाट के सोलर पैनल भी इस जलयान में लगाए गए हैं। हाइड्रोजन जलयान में ईंधन रीफिलिंग के लिए चार स्टेशन बनाए जाएंगे। यहां हाइड्रोजन के साथ इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट की भी व्यवस्था होगी। रविदास घाट, नमो घाट, ललिता घाट और शिवाला घाट पर यह स्टेशन बनाए जाने हैं। इसमें रविदास घाट पर स्टेशन बना हुआ है। नमो घाट पर निर्माणाधीन है।