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Year Ender: नगर निगम का बजट पहली बार 1645 करोड़ रुपये का, गृहकर, सीवरकर, जलकर का एकीकृत बिल हुआ जारी

Tue, 30 Dec 2025 01:27 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: नगर निगम ने अपने क्षेत्र में काफी काम किए। 1.82 करोड़ की लागत से बने एबीसी सेंटर  का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। इसके साथ सीवर, गृहकर और जल कर पर भी काम हुआ।
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नगर निगम वाराणसी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहली बार नगर निगम के इतिहास में 2025 कई मायनों में खास रहा। काशी में कुत्तों के लिए एबीसी सेंटर ऐढे़ में खोला गया। 1.82 करोड़ की लागत से बने इस सेंटर का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इसके अलावा 98 करोड़ की लागत से बनने वाले नगर निगम के मिनी सदन भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी पीएम ने किया था। इस साल पहली बार नगर निगम ने 1,645 करोड़ रूपये का संशोधित बजट पास किया।

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नमो घाट- पर्यटन का नया केंद्र बना है। पहली बार गृहकर, सीवरकर और जलकर का एकीकृत बिल जारी किया गया। जनसुविधाएं और सामाजिक पहल के मामले में क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनाई गई। जो सावन और अन्य बड़े मेलों के दौरान सफाई, सीवर और प्रकाश व्यवस्था में मददगार रही।

स्मार्ट लाइट प्रोजेक्ट के तहत शहर की गलियों में नई एलईडी लाइटों का जाल बिछाया गया। छितौनी और ठठरा जैसे इलाकों में आधुनिक सामुदायिक भवनों का निर्माण अंतिम चरण में है।

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ये हैं आंकड़े

  • थ्री-डी डिजिटल ट्विन प्रोजेक्ट: देश का पहला शहर बना जहां 160 वर्ग किमी क्षेत्र का थ्री-डी जीआइएस (360-डिग्री मैपिंग) तैयार किया गया। इसके लिए नगर निगम को 'स्मार्ट सिटी इनोवेशन अवार्ड-2025'' मिला।
  • स्मार्ट सर्विलांस: शहर के 720 स्थानों पर 2,500 से अधिक कैमरों को थ्री-डी मॉडल से जोड़कर क्राउड मैनेजमेंट और अपराध नियंत्रण को और सशक्त बनाया गया।
  • ई-सेवाओं का विस्तार: संपत्ति कर, जल कर और ट्रेड लाइसेंस जैसी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर ''''इज ऑफ लिविंग'''' को बढ़ावा दिया गया।
  • क्यूआर कोड कचरा प्रबंधन: कचरा उठाने वाली गाड़ियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए क्यूआर-कोड तकनीक का सफल क्रियान्वयन किया गया।
  • स्वच्छता रैंकिंग 2024-25: वाराणसी ने देश के 4,589 नगर निकायों में 17वां स्थान हासिल किया, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी छलांग है।
  • ओडीएफ प्लस रैंकिंग: वाराणसी जिला ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) प्लस श्रेणी में देश में प्रथम स्थान पर रहा।
  • वाटर प्लस प्रमाणन: एसटीपी (एसटीपी) से निकलने वाले पानी के पुन: उपयोग (रिसाइकल) के लिए वाराणसी को ''''वाटर प्लस'''' की उपाधि मिली ।
  • गंगा टाउन अवार्ड: स्वच्छता सर्वेक्षण में गंगा किनारे बसे शहरों की श्रेणी में वाराणसी ने अपना शीर्ष स्थान (द्वितीय स्थान) बरकरार रखा।
  • पार्कों का सौंदर्यीकरण: शहर के 25 प्रमुख पार्कों के सौंदर्यीकरण और उनमें ओपन जिम/प्ले उपकरण लगाने का कार्य पूरा किया गया।

कज्जाकपुरा आरओबी चालू
इस साल कज्जाकपुरा आरओबी चालू कर दियाा गया है। कज्जाकपुरा आरओबी (ओवरब्रिज) की लागत 144 करोड़ रुपये है। जिसकी कुल लंबाई 1.356 किमी है और यह वाराणसी के भदऊ चुंगी से पुराने पुल तक बनता है, जिसका उद्देश्य जीटी रोड और शहर के यातायात जाम से निजात दिलाना है। इस परियोजना पर काम सितंबर 2019 में शुरू हुआ और यह भारतीय रेलवे की दो लाइनों को पार करता है। जीटी रोड और रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को खत्म हुआ। जिससे सारनाथ, रिंग रोड और चंदौली से कनेक्टिविटी आसान हो गई है।

रिंग रोड फेज थ्री गंगा पुल चालू
रिंग रोड फेज थ्री गंगा पुल 1.8 किमी पर बना है। एनएचएआई के अनुसार रिंग रोड फेज थ्री में संदहा से पंचपेड़वा की 27.27 किमी की दूरी 994 करोड़ की लागत से बनाई गई है। यहां बभनपुरा से गंगा में पुल है जो मवईकला के पास जाकर समाप्त हो रहा है। पिछले दिनों यहां लोड टेस्टिंग की गई थी। पुल के एक छोर पर विभाग की ओर से भारी वाहन अवरोधक बैरियर लगा दिया गया है। जिससे अब इस मार्ग से काेई वाहन नहीं गुजरेंगे।
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हाइड्रोजन जलयान से बिना आवाज के गंगा में नौकायान हुआ आसान
साल के अंत में देश की पहली हाइड्रोजन जलयान का उद्घाटन 11 दिसंबर को हुआ। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल काशी के नमो घाट से जलयान को हरी झंडी दिखाई। 13 दिसंबर को इसे आम यात्रियो के लिए शुरू किया गया। हाइड्रोजन ऊर्जा से चलने वाला यह जलयान अन्य की तुलना में कम समय में ज्यादा दूरी तय करेगा। इससे ईंधन की बचत होगी।

इस जलयान में विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक इंजन भी लगा है। इस जलयान में 5 हाइड्रोजन सिलेंडर लगे हैं। इससे यह 12.038 किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेगा। विकल्प के तौर पर 3 किलोवाट के सोलर पैनल भी इस जलयान में लगाए गए हैं। हाइड्रोजन जलयान में ईंधन रीफिलिंग के लिए चार स्टेशन बनाए जाएंगे। यहां हाइड्रोजन के साथ इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट की भी व्यवस्था होगी। रविदास घाट, नमो घाट, ललिता घाट और शिवाला घाट पर यह स्टेशन बनाए जाने हैं। इसमें रविदास घाट पर स्टेशन बना हुआ है। नमो घाट पर निर्माणाधीन है।
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