आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने के नगर निगम के दावे फेल, अस्पताल में प्रतिदिन आ रहे 80-100 रैबीज केस
शहर में आवारा कुत्तों पर लगाम लगाने के नगर निगम के दावे पूरी तरह फेल नजर आ रहे हैं। आवारा कुत्ते आए दिन लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। मंडलीय अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार रैबीज इंजेक्शन के 80-100 केसेज प्रतिदिन आ रहे हैं। अप्रैल माह में आवारा कुत्तों ने 2500 लोगों को अपना शिकार बनाया।
बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग कोई इनके हमलों से सुरक्षित नहीं है। बावजूद इसके अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं। छुट्टा पशुओं को पकड़ने के नगर निगम के दावे केवल कागज पर ही सीमित नजर आ रहे हैं। शहर के मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर, गोदौलिया समेत कई ऐसे इलाके हैं, जहां आवारा कुत्तों की भरमार है।
इसके अलावा ग्रामीण से शहरी बने निगम के 10 वार्डों में भी छुट्टा पशु आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। छुट्टा पशुओं के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। सड़क पर चलती गाड़ियों के बीच अचानक से जानवर आ जा रहे है, जिससे लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि जानवरों के काटने पर एआरवी लगाया जा रहा है।
कुत्तों को पकड़ने के बाद बंध्याकरण किया जाता है। इसके बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है। बंध्याकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। दो संस्थाएं आई थी लेकिन मानक पूरे नहीं होने के कारण उन्हें बंध्याकरण का टेंडर नहीं दिया गया - डॉ संतोष पाल, पशु चिकित्साधिकारी नगर निगम