नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शहर में व्यापक गंदगी मिलने पर दो सफाई निरीक्षकों का वेतन रोक दिया है। उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। यह कार्रवाई सोमवार को पांडेयपुर और पहड़ियां वार्डों के निरीक्षण के बाद की गई। शहर की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेने के दौरान सड़कों, तालाबों और डिवाइडरों के पास नगर आयुक्त को काफी गंदगी मिली। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त को पांडेयपुर वार्ड में गंदगी मिली। काली माता मंदिर से पांडेयपुर फ्लाईओवर तक व्यापक कचरा जमा था। फ्लाईओवर के ऊपर और डिवाइडर के किनारे भी भारी अव्यवस्था पाई गई। इस मामले में पांडेयपुर वार्ड से संबद्ध सफाई निरीक्षक सुजीत कुमार गुप्ता की कार्यप्रणाली में गंभीर शिथिलता और लापरवाही सामने आई।
पहड़िया वार्ड में भी स्थिति संतोषजनक नहीं थी। यहां तालाब, डिवाइडरों और अशोक विहार कॉलोनी पार्क संख्या-चार के आसपास भारी कचरा और मलबा मिला। यहां केवल कोरम पूरा करने के लिए नाममात्र की सफाई की जा रही थी। इस घोर अनुशासनहीनता के लिए सारनाथ से संबद्ध सफाई निरीक्षक अश्विनी कुमार वर्मा को जिम्मेदार ठहराया गया। उनका भी वेतन रोककर जवाब तलब किया गया है।
नगर आयुक्त ने कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कार्यों में शिथिलता बरती जा रही थी। यह अनुशासनहीनता है। दोनों निरीक्षकों से तीन कार्य दिवसों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।