कोतवाली प्रभारी रामसिंह ने बताया कि आरोपीगण मुख्तार अंसारी को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाकर ठेकेदारी करने का लाइसेंस प्राप्त कर लिए थे। इस दौरान ये सरकारी धन का गबने से लेकर लोगों को धमकी देने का काम करते थे।
इस संबंध में दोनों के खिलाफ क्रमश: दक्षिणटोला और कोतवाली में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज किया गया था। सीओ नगर नरेश कुमार ने बताया कि महमूद अहमद पुत्र मकसूद अहमद का ठेकेदारी का लाइसेंस एक सितंबर को जिलाधिकारी ने निरस्त कर दिया है।