रुद्रेश, रिंकू और दिलीप संभाल रहे बजरंगी गिरोह की कमान
पुलिस सूत्रों के अनुसार बजरंगी गिरोह की कमान उसके करीबी रहे तीन बदमाश संभाल रहे हैं। यह तीनाें मुख्तार और बजरंगी गिरोह के शूटरों को पैसे देकर भाड़े पर हत्या कराने के साथ ही रंगदारी वसूलते हैं। इनमें पहला नाम भदोही जिले के गोपीगंज कोतवाली के बर्जी गांव निवासी रुद्रेश उपाध्याय उर्फ पिंटू का है। पिंटू 2015 से फरार है और उस पर 50 हजार का इनाम घोषित है।
दूसरा बदमाश प्रयागराज के सोरांव क्षेत्र के मोरहू गांव का निवासी रिंकू सिंह उर्फ धर्मेंद्र है। रिंकू मिर्जापुर से गाजीपुर जेल शिफ्ट होने के बाद मौजूदा समय में धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर की हत्या के आरोप में रांची कारागार में बंद है। तीसरा बदमाश प्रयागराज के लवायन कला गांव निवासी चाका विकास खंड का पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा है।
दिलीप इन दिनों फतेहगढ़ जेल में बंद है। रिंकू और दिलीप सलाखों के पीछे से भी सक्रिय रहते हैं और पूर्वांचल से लेकर झारखंड तक अपने गुर्गों के सहारे आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलाना इनके लिए आसान है।
कई ऐसे भी गुर्गे जिनका कहीं पता नहीं
मुख्तार और बजरंगी गिरोह के कई ऐसे गुर्गे हैं जिनके बारे में पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ को कोई जानकारी ही नहीं है। इनमें से कपिलेश्वरगली निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली के बारे में 2009 से पुलिस को कोई जानकारी नहीं है। 50 हजार के इनामी बदमाश चौबेपुर क्षेत्र के धन्नीपुर पचरावा निवासी अजीम अहमद की तलाश पुलिस को 2012 से है।
पुलिस का यह भी कहना है कि मुख्तार और बजरंगी गिरोह का खास गुर्गा रहा मुन्नू तिवारी अब मिर्जापुर में रहता है और जरायम जगत से दूरी बनाया हुआ है। इसके अलावा बनारस, जौनपुर, भदोही और गाजीपुर सहित पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मुख्तार और बजरंगी के कई अन्य करीबी थे जो तेजी से बदलते दौर के साथ जरायम जगत से दूरी बना कर सफेदपोश बन गए हैं।
अमजद पर 26 और वकील पर 22 मुकदमे
भदोही के राम सहायपुर निवासी अमजद हिस्ट्रीशीटर था। उस पर हत्या सहित अन्य गंभीर आरोपों में भदोही, प्रयागराज, बनारस, मिर्जापुर और झारखंड के धनबाद में 26 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, 50 हजार के इनामी बदमाश रहे भदोही के गोपीगंज निवासी हिस्ट्रीशीटर वकील पांडेय पर भदोही, सोनभद्र, प्रयागराज, बनारस, मिर्जापुर और झारखंड के धनबाद में हत्या सहित अन्य आरोपों में 22 मुकदमे दर्ज हैं।