संघ परिवार की नजदीकी रिश्ते के रूप में मृदुला जायसवाल को जन्मदिन के 11 दिन पहले भाजपा मेयर पद के प्रत्याशी के रूप में तोहफा मिला है। मेयर की सूची को लेकर बीते एक सप्ताह के दावेदारों की सांसें अटकी थीं।
मृदुला के नाम की घोषणा के साथ अटकलों पर विराम लग गया। नाम घोषित होते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। प्रदेश मंत्री महेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा ने खांटी बनारसी और पढ़ी लिखी महिला, नौजवान को मेयर पद पर टिकट दिया है।
शंकर प्रसाद जायसवाल भाजपा के टिकट पर दो बार के सांसद रहे थे। सांसद की मृत्यु के बाद भी जायसवाल का परिवार संघ और भाजपा से जुड़ा रहा। विधानसभा चुनाव में भी परिवार ने टिकट मांगा था लेकिन समीकरण को देखते हुए उन्हें नहीं दिया गया था।
तमाम रस्साकशी को देखते हुए भाजपा ने टिकट के लिए जो गाइडलाइन तय की थीं, उसमें उनकी पुत्रवधु मृदुला जायसवाल को उपयुक्त पाया गया। टिकट मिलने के बाद मृदुला जायसवाल बाबा का आशीर्वाद लेने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। जहां उन्होंने षोडषोपचार विधि से पूजा अर्चना की।