चंदौली के सपा सांसद और बीएचयू के पूर्व छात्र वीरेंद्र सिंह ने संसद में एग्जीक्यूटिव काउंसिल गठित करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े अहम फैसले लेने के लिए ईसी का गठन जरूरी है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पिछले तीन वर्षों से एग्जीक्यूटिव काउंसिल (कार्यकारी परिषद) का गठन न होने का मुद्दा शुक्रवार को संसद में गूंजा।
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चंदौली के सपा सांसद और बीएचयू के पूर्व छात्र वीरेंद्र सिंह ने प्रश्नकाल में मुद्दा उठाते हुए जल्द से जल्द इसे गठित करने की मांग की। कहा कि बीएचयू में तीन साल से ईसी नहीं है और अकेले वीसी सारी व्यवस्था का संचालन कर रहे हैं।
इससे पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। नियुक्तियों और प्रोन्नति में मनमानी के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े अहम फैसले लेने के लिए ईसी का गठन जरूरी है।